यूपी चुनाव: फिर आड़े आया आयोग का नियम, BJP के ऐतराज के बावजूद प्रत्याशी से नहीं छिना कमल

पार्टी के अथॉरिटी लेटर पर ही सुरेंद्र प्रत्याशी बने थे। उन्होंने आयोग को बकायदा फॉर्म(ए) और (बी) उपलब्ध कराय था। उसी आधार पर बतौर भाजपा प्रत्याशी उन्होंने नामांकन किया।

Subscribe to Oneindia Hindi

इलाहाबाद। सोरांव विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र चौधरी की उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा के बाद भी भाजपा की परेशानी कम नहीं हुई है। चुनाव आयोग के नियम ने भाजपा के न चाहने पर भी सुरेंद्र को प्रत्याशी बनाए रखा है। भाजपा अपनी लिस्ट अब सुरेंद्र को भले ही साफ कर चुकी हो लेकिन आयोग ने न तो सुरेंद्र का नाम काटा है और न ही चुनाव चिन्ह कमल का फूल ही हटाया है। ऐसे में कमल के निशान पर वोट पड़ना तय माना जा रहा है। जिससे गठबंधन प्रत्याशी जमुना प्रसाद सरोज को निश्चित तौर पर नुकसान होगा। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि सुरेंद्र चौधरी कमल के लिए प्रचार प्रसार करेंगे या अपना दल के लिए।

Read more:वाराणसी: अनुप्रिया पटेल की मां कृष्णा पटेल के अपना दल गुट को डॉन की बीवी का सहारा

यूपी चुनाव: फिर आड़े आया आयोग का नियम, BJP के ऐतराज के बावजूद प्रत्याशी से नहीं छिना कमल

यूपी चुनाव: फिर आड़े आया आयोग का नियम, BJP के ऐतराज के बावजूद प्रत्याशी से नहीं छिना कमल

कई दिनों से गर्म है सियासत

इलाहाबाद के सोरांव में शनिवार को अद-भाजपा प्रत्याशियों के बीच बवाल के बाद से सियासत गर्म है। भाजपा ने अपने प्रत्याशी को बैक किया तो उम्मीद की जा रही है कि हालात सुधरेंगे। लेकिन सुरेंद्र के लिए आयोजित भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंची भीड़ कुछ और ही कहानी की ओर इशारा कर रही थी। हालांकि कल ही शहर उत्तरी के लिए हर्षवर्धन की भी कार्यकर्ता सम्मेलन बैठक थी। जिसके चलते संगठन के बड़े नेता नहीं आए। इससे पूरा रुख साफ नहीं हो सका।

यूपी चुनाव: फिर आड़े आया आयोग का नियम, BJP के ऐतराज के बावजूद प्रत्याशी से नहीं छिना कमल

सुरेंद्र चौधरी बने रहेंगे बीजेपी प्रत्याशी

पार्टी के अथॉरिटी लेटर पर ही सुरेंद्र प्रत्याशी बने थे। उन्होंने आयोग को बकायदा फॉर्म(ए) और (बी) उपलब्ध कराय था। उसी आधार पर बतौर भाजपा प्रत्याशी उन्होंने नामांकन किया। आयोग ने नियम के तहत भाजपा का चुनाव चिन्ह कमल का फूल सुरेंद्र को आवंटित किया। ऐसे में जब सबकुछ नियम से ही हुआ है तो भला नियमों को तोड़कर आयोग सुरेंद्र का नाम हटा भी कैसे सकता है? आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि उम्मीदवारी वापस लेना यह पार्टी की अंदरूनी और निजी बातें हैं। इसमें आयोग हस्तक्षेप नहीं करेगा। चिन्ह आवंटन के बाद नियम के मुताबिक सुरेंद्र चौधरी सोरांव विधानसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी बने रहेंगे। ईवीएम मशीन पर यह चिन्ह और नाम मौजूद रहेगा। माना जा रहा है कि पार्टी के आदेश के बाद भी कमल के निशान पर कुछ न कुछ वोट तो पड़ेंगे ही। जिसका नुकसान गठबंधन को उठाना पड़ेगा।

Read more:इलाहाबाद: BJP में फिर बगावत, समर्थकों संग 'पदुम' भी हुए सपाई

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Allahabad: On election commission order BJP have to continue with his candidate Surendra Chaudhary
Please Wait while comments are loading...