कभी इलाहाबाद से लंदन जाती थी फ्लाइट, अखिलेश राज में हुआ सब चौपट

देश के अन्य शहरों की अपेक्षा हवाई यात्रा में संगम नगरी शून्य पर है। विदेशों की यात्रा तो बहुत दूर इलाहाबाद से राजधानी दिल्ली, लखनऊ व अन्य शहरों की हवाई यात्रा भी नगण्य है।

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इलाहाबाद। सूबे में चुनावी पारा गर्म है। हर पार्टी विकास का दंभ भर रही है। प्रदेश के एक्सप्रेस वे पर फाइटर प्लेन उतर रहे हैं लेकिन जहां हवाई सेवा का गढ़ होना था वे शहर पूरी तरह वीरान है। विकास की दौड़ में इलाहाबाद कितना पिछड़ गया इसकी अहम वजह क्या है? ये तो ठीक-ठीक नहीं बताई जा सकती। लेकिन सियासत, धर्म और न्याय की नगरी इलाहाबाद आज एक अदद सकुशल फ्लाइट तक को तरस रही है। ये भी पढ़ें: एयरपोर्ट पर साड़ी में महिला को स्कैन नहीं कर पाता है स्कैनर, बजने लगता है 'नकली' अलार्म

विदेश यात्रा तो दूर शहरों की हवाई यात्रा भी नहीं

इस शहर की जब देश में कहीं से भी हवाई सेवा नहीं थी तो इलाहाबाद से लंदन फ्लाइट जाती थी। लेकिन आज देश के अन्य शहरों की अपेक्षा हवाई यात्रा में संगम नगरी शून्य पर है। विदेशों की यात्रा तो बहुत दूर इलाहाबाद से राजधानी दिल्ली, लखनऊ व अन्य शहरों की हवाई यात्रा भी नगण्य है। बीते दो माह से इलाहाबाद आने वाली तीनों फ्लाइट रद्द चल रही हैं। जब कभी हवाईजहाज को उतरना भी हुआ तो वह यहां के बजाय वाराणसी या लखनऊ उतरा।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विकसित करने का दिया आदेश

इस बावत इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी की और हवाई पट्टी को विकसित करने के लिये कहा था। लेकिन शहर की दुर्दशा देखिए, प्रशासन जमीन देने को तैयार है लेकिन कोई लेने वाला हीं नही है। प्रशासन की जमीन लेने के लिए वायुसेना या एयरपोर्ट ऑथारिटी में से किसी एक को आवेदन करना है। लेकिन अफसोस इलाहाबाद के इस नायाब काम के लिये कोई आगे नहीं आ रहा। वायुसेना या एयरपोर्ट ऑथारिटी यह दोनों देश के अहम संस्थान हैं और निसंदेह इन पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। लेकिन एक-दूसरे पर जमीन लेने व हवाई पट्टी विकसित करने की टाल- मटोल में शहर की हवाई सेवा को दोयम दर्जे से भी बदतर कर रहे हैं।

एक फ्लाइट भी सकुशल नहीं चल पा रही है

सीमित हवाई पट्टी, सीमित संसाधन व तकनीकी आभाव के चलते इलाहाबाद को नाम के अनुरूप वायु सेवा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इतिहास के पन्नो को खंगालने पर पता चलता है कि संगम नगरी में तब हवाई सेवा विकसित की गई थी जब देश का हर हिस्सा इससे अंजान था। इलाहाबाद से सीधे लंदन तक ब्रितानी सरकार की फ्लाइट जाती थी। लेकिन अब ऐसा कुछ भी नहीं बचा है। प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी, आगरा, कानपुर जैसे शहरों में हर समय विमान उड़ान की सेवा उपलब्ध हो गई। लेकिन, इलाहाबाद में एक फ्लाइट भी सकुशल नहीं चल पा रही है। मौसम खराब होने की स्थिति में अघोषित समय तक यहां की फ्लाइट रद हो जाती है।

हाईकोर्ट में की गई पीआईएल दाखिल

वायु यात्रा के लिये हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल होने पर कोर्ट ने इस बावत जवाब मांगा। जिसमें इलाहाबाद में हर समय विमान सेवा उपलब्ध कराने के लिए इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम लगाने और रनवे को बढ़ाने की जरुरत बताई गई। हाईकोर्ट ने इन कमियों को दूर करने का आदेश दिया तो एयरपोर्ट ऑथारिटी ने 1.73 करोड़ रुपये की लागत से बमरौली हवाई अड्डे पर आइएलएस लगवाया। लेकिन बिना बड़े रनवे के ये सुविधा किसी काम की नहीं है। जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट ऑथारिटी और वायुसेना से जमीन के आवेदन करने को कहा तो एयरफोर्स ने इसे एयरपोर्ट ऑथारिटी की जरुरत बताई। वहीं, एयरपोर्ट ऑथारिटी ने वायुसेना का रनवे होने के कारण इसे वायुसेना की आवश्यकता बताई। साल भर पहले जमीन की पैमाइश हो चुकी है। लेकिन जमीन के लिये आवेदन न करने के चलते मामला अधर में लटका है। इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में 3 फरवरी को है। 

  

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English summary
allahabad bamrauli airport no airway facilities in uttar pradesh.
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