मुझे किनारे किया जा सकता है, हराया नहीं जा सकता: अखिलेश यादव

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लखनऊ। मुलायम सिंह यादव के कुनबे में मची खींचतान पर आखिरकार मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का दर्द छलक आया। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए खास इंटरव्यू में अखिलेश ने कहा कि मुझे हराना आसान नहीं, मैं अपने दम पर लड़ना जानता हूं।

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'अपने दम पर चुनाव में जाऊंगा'

पिछले एक महीने से उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार कहे जाने वाले मुलायम परिवार में खींचातानी जोरो पर है। एक तरफ सीएम अखिलेश यादव हैं और दूसरी तरफ उनके चाचा शिवपाल यादव। वहीं पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव हैं किन बात को दबाने में लगे हैं। चाचा-भतीजे की राजनीतिक जंग और अगले साल प्रदेश में होनें वाले विधानसभा को लेकर अखिलेश यादव ने लंबी बातचीत की है। उन्होंने खुद को अनुभवहीन कहने पर बसपा पर भी निशाना साधा।

अखिलेश यादव ने इशारे में चाचा शिवपाल पर वार करते हुए कहा कि उन्हे कुछ समय के लिए किनारे किया जा सकता है, लेकिन उनको जीता नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि वो अपने दम पर चुनाव में जाएंगे।

'मैंने तो बचपन में अपना नाम भी खुद ही रखा था'

अखिलेश यादव ने कहा उत्तर प्रदेश चुनाव के प्रचार की कमान खुद संभालेंगे। अखिलेश ने कहा कि बचपन में मुझे अपना नाम तक खुद रखना पड़ा तो फिर मैं चुनाव अभियान के लिए क्यों किसी का इंतजार करूंगा, मैं अपने दम पर चुनाव में जाऊंगा।

पार्टी में चल रही उथल-पुथल और कुछ सर्वे में सपा के पिछड़ने की बात पर अखिलेश ने कहा कि जो बल्लेबाज अच्छा खेलता है, जिसकी टाइमिंग अच्छी होती है, उसके बल्ले से रन आते हैं और रिकॉर्ड बनते हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह वो भी अपने बनाए रनों (विकास कार्यों) के दम पर सत्ता में वापसी करेंगे।

'अनुभवहीन ने रिकॉर्ड बनाया, तो दूसरी पारी में कमाल करेगा ही'

अखिलेश ने कहा कि जनता को उनपर विश्वास है कि वो काम करते हैं। इसलिए जनता उन्हें दूसरा मौका जरूर देगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने उन्हें अनुभवहीन कहा और उन्होंने काम करके दिखाया।उन्होंने कहा कि जनता समझ रही है कि अनुभवहीन अगर इतना काम कर सकता है तो दूसरी बार सत्ता में आने पर कैसा विकास होगा।

अखिलेश यादव ने कहा कि कुछ वजहों से उनके चुनाव अभियान में देरी हुई है। 12 सितंबर से उनको चुनाव अभियान शुरू करना था जो अब 15 अक्टूबर से होगा।

'नई पीढ़ी ने भी पार्टी के लिए मेहनत की है'

अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने 14 साल हॉस्टल में गुजारे हैं और किसी भी परेशानी का सामना करना जानते हैं। ऐसे में उन्हें अकेले चुनाव अभियान को संभालने में दिक्कत नहीं आएगी।

अखिलेश यादव ने पार्टी में सीनियर और जूनियर नेताओं के बीच टकराव पर कहा कि सीनियर नेताओं का योगदान है इससे इंकार नहीं किया जा सकता लेकिन इससे हम (नए) लोगों की मेहनत को कम करके नहीं आंका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मायावती के तानाशाही राज में उनकी तानाशाही नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए मैं तीन बार गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि जब मायावती अपने खिलाफ आवाज उठाने पर बच्चों को भी जेलों में डलवा रही थीं, तो मैंने उसके खिलाफ लड़ाई लड़ी।

नेताजी पिता, शिवपाल चाचा, ये आखिरी सच है

अखिलेश यादव ने कहा कि नई पीढ़ी ने भी लोहिया के आदर्शों को अपनाया है और उनके बताए रास्ते पर चल रही है। उन्होंने कहा कि नई और पुरानी, दोनों पीढियों ने मेहनत की है।

अखिलेश यादव ने भले ही अकेले चुनाव प्रचार में जाने की बात कही लेकिन चाचा शिवपाल से नाराजगी की बात को स्वीकारा नहीं। उन्होंने कहा कि परिवार में कहीं कोई लड़ाई नहीं है। अखिलेश यादव ने कहा कि नेता जी (मुलायम सिंह यादव) मेरे पिता हैं और शिवपाल यादव मेरे चाचा हैं। ये कभी ना बदलने वाली चीज है, ये मेरा परिवार है।

 

 

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English summary
Akhilesh Yadav says he is prepared to start campaigning for the 2017 assembly elections
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