रियो ओलंपिक में सबके सामने कपड़े उतारने वाले कोचों पर हुई कार्रवाई

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रियो डी जनेरियो। रियो ओलंपिक 2016 के कई ऐसे पल हैं जो इंसान को हैरान भी करते हैं और शर्मसार भी, ऐसा ही एक किस्सा था जब मंगोलियाई टीम के कोचों ने जजों के सामने अपने कपड़े उतार दिए थे।

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दोनों कोचों की इस हरकत ने पूरी दुनिया को हतप्रभ कर दिया था। लेकिन अब कोचों को सजा सुना दी गई है और उन पर जजों के फैसले के खिलाफ अमर्यादित बर्ताव करने के कारण तीन साल का बैन लगा दिया गया है।

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आपको बता दें कि क्वालिफिकेशन राउंड में भारतीय पहलवान योगेश्वर दत्त को हराने वाले मंगोलियाई पहलवान गांजोरिजीन मेंडेकनेरन का ब्रॉन्ज मेडल के लिए उज्बेक पहलवान इख्तियोर नवरूजोव के साथ मुकाबला हुआ था। मैच के आखिरी सेकंड में ना जानें कैसे मंगोलियाई पहलवान को लगा कि वो मुकाबला जीत चुके हैं और वो अपनी जीत सेलिब्रेट करने लगे, उनकी जीत में उनके दोनों कोच भी शामिल हो गए।

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लेकिन जजों ने जब फैसला सुनाया तो वो सब हैैरान रह गए और उन्होंने जजों पर ही उंगली उठा दी, वो शोर मचाने लग गए और तब भी नतीजा जब उनके फेवर नहीं आया तो उन्होंने जजों के सामने ही अपने कपडे उतारने शुरू कर दिए और अपने जूते उछाल दिए। जिसके बाद से उन सब को रिंग से निकाल दिया गया और उसके बाद उज्बेक पहलवान को विजेता घोषित कर दिया गया।

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English summary
Two Mongolian wrestling coaches who tore their clothes off in anger following a controversial refereeing decision at the Rio Olympics have been suspended for three years.
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