वीरेंद्र सहवाग: आज से ठीक 15 साल पहले मिला था भारतीय टेस्‍ट क्रिकेट को 'सबसे आतिशी' बल्‍लेबाज

वीरेंद्र सहवाग यूं तो क्रिकेट से संन्‍यास लेने के बाद इनदिनों सोशल मीडिया पर 'चौके-छक्‍के' मार रहे हैं लेकिन जानते हैं टेस्‍ट क्रिकेट में उनके 15 साल के सफरनामे से जुड़े कुछ रोचक किस्‍से।

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नई दिल्ली। क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में 22 गज की पिच से गेंदबाजों के छक्‍के छुड़ा देने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने आज से ठीक 15 साल पहले टेस्‍ट क्रिकेट में पदार्पण किया था।

वीरेंद्र सहवाग को वनडे क्रिकेट के जरिए टेस्‍ट में एंट्री मिली थी। दरअसल, पहले टेस्‍ट मैच के लिए चुने जाने से ठीक 14 महीने पहले उन्‍होंने न्‍यूजीलैंड के खिलाफ महज 69 गेंदों पर शतक जड़कर यह साबित कर दिया था कि वह आतिशी बल्‍लेबाज हैं।

ऐसे मिला था टेस्‍ट क्रिकेट में मौका

वीरेंद्र सहवाग को वनडे क्रिकेट के जरिए टेस्‍ट में एंट्री मिली थी। दरअसल, पहले टेस्‍ट मैच के लिए चुने जाने से ठीक 14 महीने पहले उन्‍होंने न्‍यूजीलैंड के खिलाफ महज 69 गेंदों पर शतक जड़कर यह साबित कर दिया था कि वह आतिशी बल्‍लेबाज हैं।

चयनकर्ताओं ने उन्‍हें इसी पारी की बदौलत टेस्‍ट क्रिकेट में मौका दिया और सहवाग उस फैसले पर भी खरे साबित हुए।

डेब्‍यू मैच में ही मारी थी सेंचुरी

3 नवंबर 2001 को पहली बार टेस्‍ट कैप पहनने वाले वीरेंद्र सहवाग ने अपने पहले ही टेस्‍ट मैच को यादगार बना दिया था। अपनी बैटिंग शैली की यूनीक स्‍टाइल बनाने वाले 'वीरू' ने इस मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 6वें नंबर पर आकर बल्‍लेबाजी की।

इस मैच में उन्‍होंने शतक भी जड़ा और सचिन तेंदुलकर के साथ 220 रनों की पार्टनरशिप भी की। हालांकि, भारत यह मैच 9 विकेट से हार गया था लेकिन इस मैच के बाद ही भारत को एक नया टेस्‍ट क्रिकेट स्‍टार भी मिल गया।

जानिए क्‍या कहते हैं पूर्व भारतीय कप्‍तान

भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्‍तान सौरव गांगुली की मानें तो वीरेंद्र सहवाग वह खिलाड़ी थे जिन्‍होंने टेस्‍ट क्रिकेट की पारंपरिक परिभाषा को बदलकर रख दिया। टेस्‍ट क्रिकेट में वीरेंद्र सहवाग भारत के एकलौते ऐसे बल्‍लेबाज हैं जिन्‍होंने दो बार तिहरे शतक जड़े हैं।

वीरेंद्र सहवाग को वनडे क्रिकेट के जरिए टेस्‍ट में एंट्री मिली थी। दरअसल, पहले टेस्‍ट मैच के लिए चुने जाने से ठीक 14 महीने पहले उन्‍होंने न्‍यूजीलैंड के खिलाफ महज 69 गेंदों पर शतक जड़कर यह साबित कर दिया था कि वह आतिशी बल्‍लेबाज हैं।

...जब पहली बार की टेस्‍ट मैच में ओपनिंग

वीरेंद्र सहवाग को यूं तो वनडे फॉर्मेट का एक्‍सपर्ट माना जाता था लेकिन उनकी बल्‍लेबाजी शैली और ताबड़तोड़ रन बनाने की क्षमता ने हर किसी को उनका मुरीद बना दिया।

वीरेंद्र सहवाग को पहली बार 2002 में टेस्‍ट क्रिकेट में बतौर ओपनर उतारा गया और उन्‍होंने इस मैच की पहली पारी में शानदार 84 रन बनाए। 2 हजार से अधिक टेस्‍ट रन बनाने वाले बल्‍लेबाजों में वीरेंद्र सहवाग का स्‍ट्राइक रेट(82.23) बेस्‍ट है।

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English summary
virender sehwag: reviving 15 years of test match debut of fastest opener of india.
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