कप्तानी छोड़ने के बाद पहली बार धोनी ने कहा-तीनों फॉर्मेट में एक ही कप्तान बढ़िया

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पुणे। जब से महेन्द्र सिंह धोनी ने कप्तानी छोड़ी है तब से उनके बारे में मीडिया में काफी कुछ कहा और लिखा जा रहा है लेकिन अब सारे सवालों और कयासों पर प्रतिक्रिया खुद धोनी ने ही दी है। कप्तानी छोड़ने के बाद धोनी आज पहली बार मीडिया के सामने आए और अपनी कप्तानी से जुड़े हर सवाल का जवाब दिया।

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धोनी ने कहा कि भारत में साउथ अफ्रीका सीरीज के बाद ही उन्हें ये महसूस हुआ था कि क्रिकेट के तीनों फार्मेट में अलग-अलग कप्तान नहीं होना चाहिए बल्कि एक ही कैप्टन के हाथ में ही टीम की कमान होनी चाहिए,इसी कारण मैंने तब ही फैसला करने की सोची थी।

कोहली ने एक साल में अपने आप को बेहतरीन कैप्टन साबित किया

विराट कोहली ने पिछले एक साल में अपने आप को बेहतरीन कैप्टन साबित किया है, उनके खेल को देखने के बाद ही मुझे लगा कि वे जिम्मेदारी उठाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं इसलिए मैंने सोचा कि अब सीट खाली कर देनी चाहिए।

तीनों फार्मेट में एक ही कप्तान

तीनों फार्मेट में एक ही कप्तान

धोनी ने कहा कि भारत में स्प्लिट कैप्टेंसी काम नहीं कर सकती, लोग ना चाहते हुए भी कैप्टन को कंपेयर करने लगते हैं जिससे खेल प्रभावित होता है इसलिए मैंने सोचा कि अब वक्त आ गया है कि टीम इंडिया को एक ही कैप्टन दिया जाए तीनों प्रारूपों के लिए।

विराट निखर चुके हैं

विराट निखर चुके हैं

धोनी ने कहा कि विराट कोहली ने वक्त के साथ खुद को बेहतर बनाया है। वे जिम्मेदारी उठाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मैं विकेटकीपिंग करते हुए उन्हें अपनी राय देता रहूंगा। अगर मैं 100 सलाह उसे देता हूं और वो 100 को मना कर देता है तो मुझे परेशान नहीं होना चाहिए। जरूरी ये है कि इसी तरह का संबंध टीम में हो कि अगर मैं सजेशन दूं तो उसे इम्प्लीमेंट करने की उस पर मजबूरी ना हो और मैं भी ये उम्मीद भी ना करूं कि मेरी हर सलाह को मान ही ले।

बाल तो अब बड़े नहीं होंगे

बाल तो अब बड़े नहीं होंगे

मैंने महसूस किया है कि क्रिकेट एक मेंटल गेम है और कई बार खिलाड़ी काफी अड़ियल हो जाते हैं जिसके कारण लोग उन्हें कभी-कभी समझ नहीं पाते हैं। धोनी ने कहा कि मैं जिंदगी में कभी भी पछतावा नहीं करता। ये मेरे लिए एक जर्नी की तरह है। मैं अच्छे पीरियड से भी गुजरा और बुरे पीरियड से भी। जब सीनियर्स गए तो नए प्लेयर्स आए ..और बाल तो अब बड़े नहीं होंगे।

टीम की ताकत

टीम की ताकत

एक कैप्टन के लिए अपनी टीम की ताकत तो पहचानना बहुत जरूरी है, मुझे लगता है कि हमारी टीम इस समय तीनों फार्मेट में कमाल कर सकती है। हालांकि टीम अभी यंग हैं, लेकिन इन्होंने काफी क्रिकेट खेला है।

लोअर ऑर्डर में बैटिंग

मैं नए लोगों को पहले बैटिंग करने का मौका देना चाहता था इसलिए लोअर ऑर्डर में बैटिंग करने लगा था, मेरे लिए जरूरी है कि टीम जीते इसलिए मैं 4, 5, 6 या सात जिस नंबर पर टीम को जरूरत हो मैं बैटिंग करने के लिए तैयार हूं।

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English summary
I don't believe in split captaincy. For the team there has to be only one leader said Mahendra Singh Dhoni.
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