जयपुर में शुरू हुआ जैन अमृत सिद्धि महोत्सव, 17 साल बाद भक्‍तों को म‍िलेगा अमृत का स्‍वाद

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नई द‍िल्‍ली। जयपुर के संघीजी मंद‍िर में अमृत सिद्धि महोत्सव शुरू हो गया है। 18 जून से शुरू हुआ यह पर्व 25 जून तक चलेगा। मान्‍यता है, इस दौरान संघीजी मंदिर में स्थित ज‍िनब‍िंबों को भक्‍तों के दर्शन के ल‍िए बाहर न‍िकाला जाता है। यह जैन समुदाय का अनोखा पर्व है इसल‍िए भक्‍त इसमें खूब बढ़-चढ़कर हिस्‍सा लेते हैं।

जयपुर में शुरू हुआ जैन समुदाय का अमृत सिद्धि महोत्सव

क्‍या हैंं ज‍िनब‍िंंब

जिनबिंबों के बारे में शायद ही बहत कम लोग जानते होंगे। जिनबिंब वो प्रतिमाएं हैं जिन्‍हें जैन समुदाय अपना ईष्‍ट मानते हैं। ये प्रतिमाएं द‍िव्‍य शक्तियों से ओतप्रोत हैं। इन जिनालयों को मुख्‍य मंदिर में व‍िराजमान कराया जाएगा। कहते हैं इस पर्व से भक्‍तों को अमृत स‍िद्व‍ियों का आशीर्वाद म‍िलता है। 

सबसे लंबे समय के ल‍िए होंगे भक्‍तों को दर्शन 

यह पहला मौका है जब भगवान को सबसे लंबे समय यान‍ि सात द‍िनों के ल‍िए बाहर न‍िकाला जा रहा है। चूंकि इतने लंबे समय के ल‍िए इन्‍हें बाहर न‍िकाला जाएगा इसल‍िए यहां पर भक्‍तों की भारी भीड़ जुटने वाली है। इसके पहले 1971,1987, 1992, 1994 और 1999 भी ऐसे साल थे जब इन्‍हें भक्‍तों के दर्शन के ल‍िए न‍िकाला गया था।

कब हुआ था सबसे पहला पूजन 

यह महोत्‍सव करीब 95 साल पुराना है। ऐसा माना जाता है क‍ि जिनालय को सबसे पहले भक्‍तों के दर्शन के लिए साल 1933 में दर्शन के ल‍िए न‍िकाला गया था। हालांकि इस समय से इस महोत्‍सव की शुरुआत हुई थी इसलिए इस दौरान बहुत ही कम समय के लिए इन्‍हें भक्‍तों के दर्शन के ल‍िए बाहर न‍िकाला गया था।

भक्‍तों के ल‍िए उचि‍त प्रबंध 

इस बारे में जयपुर के पुलिस कमिश्‍नर लवली कटियार ने बताया क‍ि भक्‍तों को क‍िसी तरह की किसी परेशान‍ियों का सामना न करना पड़े इसके ल‍िए यातायात की उच‍ित व्‍यवस्‍था की जाएगी। यातायात को व‍िभ‍िन्‍न जगह से मोड़ा जाएगा और तमाम तरह के डायवर्जन रूट बनाए जाएंगे।

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English summary
jaipur shri digamber jain atishaya kshetra temple sanghiji
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