नक्सलियों ने नहीं पुलिस और सुरक्षाबलों ने जलाए थे गांव के 160 घर: सीबीआई

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छत्तीसगढ़। मार्च 2011 में छत्तीसगढ़ के सुकमा में ताड़मेटला गांव में 160 घरों को जला देने के मामले में पुलिस ने नक्सलियों की करतूत बताया था। सीबीआई ने जांच में पाया है कि नक्सलियों ने नहीं पुलिस और सुरक्षाबलों ने मिलकर गांव के घरों को फूंका था।

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11 और 16 मार्च 2011 के दौरान पुलिस ऑपरेशन में सुकमा के ताड़मटेला और पड़ोस के गांव में 250 घरों को जलाकर फूंक दिया गया था और इस दौरान तीन व्यक्ति मारे गए और तीन महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया था। इसमें ताड़मटेला में 160 घरों को जलाकर राख कर दिया गया था।

जुलाई 2011 में कोर्ट ने इन घटनाओं की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। सीबीआई की विशेष अदालत में इन मामलों की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की।

इस मामले में सात विशेष पुलिस अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है। सीबीआई के अनुसार, गांव को जलाने में में 323 पुलिसकर्मियों और सीआरपीएफ के 95 कर्मियों के शामिल होने के सबूत उसे मिले।

सीबीआई ने स्वामी अग्निवेश के काफिले पर हमले के सिलसिले में सलवा जुडूम के 26 नेताओं के खिलाफ भी चार्जशीट दायर की है। इन नेताओं का बस्तर में बीजेपी और कांग्रेस से संबंध है।

बातचीत के जरिए निकाला जाए नक्सल समस्या का हल: कोर्ट

सॉलिसिटर जनरल रंजीत सिंह कुमार और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को तीन मामलों में आरोप-पत्र दायर करने और दो मामलों में क्लोजर रिपोर्ट के बारे में जानकारी दी।

सुनवाई के दौरान जस्टिस मोहन बी लोकुर व आदर्श गोयल की बेंच ने सरकार को शांति स्थापना के प्रयास करने तथा नक्सलियों से बातचीत शुरू करने को भी कहा।

कोर्ट ने सालिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि 2016 का शांति का नोबेल पुरस्कार कोलंबिया सरकार व वहां युद्धरत गुरिल्ला आर्मी एफएआरसी के बीच समझौता हुआ है, क्या हमारे देश में ऐसा मुमकिन नहीं हो सकता। कोर्ट ने बातचीत के जरिए हल निकालने की बात कही।

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English summary
cbi report says Security forces burnt 160 homes in Chhattisgarh village
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