दलित होने की सजा, दो साल तक हर रोज होती थी पिटाई, चेहरे पर थूकते थे लड़के

Written By:
Subscribe to Oneindia Hindi

पटना। हाल ही में बिहार के एक सरकारी स्कूल में छात्रों के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। इस वीडियो में 16 साल के छात्र को उसके क्लास के साथी बुरी तरह से मार रहे हैं।

bihar

सवालों का जवाब देते-देते थक गया हूं

लेकिन इस छात्र को वीडियों के वायरल होने के बाद से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। छात्र का कहना है कि मैं हर बार एक ही बात लोगों को बताते-बताते थक गया हूं, पहले दोस्तों, पुलिस और फिर मीडिया।

कांग्रेस नेता आरके राय ने राहुल गांधी को बोला गधा, हुए निलंबित, देखें वीडियो

हर कोई मुझसे पूछता है कि मैं इतने दिनों तक शांत क्यों था। छात्रा का कहना है कि मेरे पिता एक शिक्षक हैं और उन्होंने मुझे नाम दिया है जिसका मतलब होता है श्रेष्ठ और वह चाहते थे कि मैं सबसे अच्छा बनूं।

मेरे पिता ने मुझे पढ़ने के लिए भेजा था

मेरे पिता ने मुझे पढ़ने के लिए मुजफ्फरपुर भेजा और खुद मेरी दो बहनों के साथ गांव में रहना पंद किया। मुजफ्फरनगर में मैं अपनी दादी के साथ रहता था। वह चाहते थे कि मैं अच्छी शिक्षा हासिल करूं, मैंने कड़ी मेहनत की और कोशिश की मैं वह कर सकूं जिसकी मेरे पिता को अपेक्षा है।

bihar

मैं दलित था इसलिए सहपाठी नाराज थे

छात्र का कहना है कि मैं मेहनत कर रहा था और मुझे अच्छे नंबर मिल रहे थे जिससे मेरे घरवाले खुश थे लेकिन मेरे क्लास के साथी मुझसे नाराज थे क्योंकि मैं दलित हूं। मेरे सहपाठी मुझे गालियां देते थे और मेरे साथ दुर्व्यवहार करते थे।

दो साल से हर रोज मार रहे थे, मेरे चेहरे पर थूकते थे

छात्र ने बताया कि दो साल तक मुझे हर रोज दो लड़के मारते थे जो भाई थे, एक मेरी ही क्लास का छात्र है जबकि दूसरा लड़का छोटा है। छात्र ना सिर्फ मुझे मारते थे बल्कि मेरे चेहरे पर हफ्ते में एक बार थूकते थे।

टीचर को हमदर्दी थी मगर कर कुछ नहीं सकते थे

लेकिन जब मैंने इसकी शिकायत मेरी टीचर से की तो उन्होंने मेरे साथ हमदर्दी दिखाई लेकिन कहा कि इन छात्रों के पिता एक अपराधी हैं, लिहाजा स्कूल कुछ नहीं कर सकता है और मैंने पुलिस को शिकायत की तो वह उन्हें स्कूल से बाहर निकालने को मजबूर हो जाएंगे।

मुझे मारना पसंद था मेरे सहपाठी को

मुझे इस बात की भी चिंता थी कि ये लोग मे पिता और परिवार के साथ भी कुछ कर सकते हैं, लिहाजा मैंने शांत रहने का फैसला लिया। जो वीडियो वायरल हुआ है मुझे लगता है कि वह 25 अगस्त को शूट किया गया है, एक छात्रा ने मुझसे कहा कि मुझे मारने उसे खुशी देता है इसलिए उसने एक छात्र से वीडियो बनवाया था।

मेरे नंबर अच्छे आते थे

छात्र ने बताया कि वह पीछे सीट पर बैठता था जहां नकल करना आसान था, मैं आगे की सीट पर बैठता था,उसके नंबर काफी कम आते थे और मेरे नंबर अच्छे, जिससे वह काफी नाराज रहता था। लेकिन जब उसे यह पता चला कि मैं दलित हूं तो वह मुझपर और बर्बरता करने लगा।

मार्च में मेरी वार्षिक परीक्षा है

छात्र ने कहा कि जब मेरी नानी ने यह वीडियो देखा तो उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत कर दी, उसके बाद हमें धमकी भी मिलने लगी कि केस को वापस ले लें, जिसके बाद मैंने स्कूल जाना छोड़ दिया, मार्च में मेरी वार्षिक परीक्षा है।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
barbaric student was beaten everyday for two years because he was Dalit. After video goes viral student speaks out to public.
Please Wait while comments are loading...