13 साल पहले ईश निंदा करने पर तीन बहनों ने मिलकर एक आदमी को मार डाला

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सियालकोट। 13 साल पहले हुई एक घटना के लिए तीन बहनों ने मिलकर एक आदमी को मार डाला है। यह घटना पाकिस्‍तान के सियालकोट में हुई है। पुलिस के मुताबिक बुर्का पहनकर आईं तीन महिलाओं ने 13 साल ईशनिंदा करने के एक आरोपी को मार डाला है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों आमना, अफसान और रजिया को गिरफ्तार किया है। यह घटना सियालकोट के पासरुर तहसील में स्थित नानगल मिर्जा गांव में हुई‍। 

पुलिस ने बताया कि तीनों महिलाएं मजहर हुसैन सैय्यद के घर गई और उनके लिए दुआ करने को कहा। साथ ही उन्‍होंने उनसे पूछा कि क्‍या उनका बेटा फजल अब्‍बास विदेश से वापस आ गया है। तो मजहर हुसैन सैय्यद ने बताया कि हां वो वापस आ गया है। तो महिलाओं ने उसे देखने की इच्‍छा जाहिर की। जैसे ही 45 वर्षीय फजल अब्‍बास उन महिलाओं के सामने आया तो उन्‍होंने तुरंत उन पर गोली चला दी। महिलाएं हथियार छुपाकर लाईं थीं। मौके पर ही फजल अब्‍बास की मौत हो गई।

फजल अब्‍बास की हत्‍या करने के बाद तीनों महिलाएं जश्‍न मनाने लगीं और कहा कि उन्‍होंने ईश निंदा करने वाले को खत्‍म कर दिया। महिलाओं ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा है कि वर्ष 2004 में फजल अब्‍बास ने ईश निंदा की थी। पर तब हम उसे नहीं मार सके क्‍योंकि उस समय हम लोग बहुत छोटे थे। पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि फजल अब्‍बास के वर्ष 2004 में ईश निंदा करने पर मामला दर्ज किया गया था। पर तब वो विदेश भाग गया था। फजल अब्‍बास अभी विदेश से लौटे थे और स्‍थानीय कोर्ट से एक प्री अरेस्‍ट जमानत ली थी।

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English summary
Three sisters kill man booked for blasphemy in Sialkot
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