भारत में नोट बंदी पर पाक के केंद्रीय बैंक ने दी अपनी प्रतिक्रिया

भारत में नोट बंदी पर पहली पर पाकिस्‍तान ने दी अपनी प्रतिक्रिया। पाकिस्‍तान के केंद्रीय बैंक ने कहा भारत का कैश पर कठोर नीति का फैसला बहुत कठिन कदम।

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इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तान के केंद्रीय बैंक की ओर से पहली बार भारत में नोट बंदी के फैसले पर प्रतिक्रिया दी गई है। पाकिस्‍तान के क‍ेंद्रीय बैंक स्‍टेट बैंक ऑफ पाकिस्‍तान (एसबीपी) ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में कैश को नियंत्रित करने या नोट को बैन करने का जो कदम उठाया है, वह अतिवादी है।

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एक कठिन फैसला

गर्वनर अशरफ महमूद वाथ्रा ने ब्‍लूमबर्ग को दिए इंटरव्‍यू में कहा कि उनकी कल्‍पना से परे यह एक कठिन फैसला और बहुत कड़ा कदम है। एक ऐसा माहौल को बढ़ावा मिलेगा जिसे अर्थव्‍यवस्‍था में हाल हाार में बेहतर करना पड़ेगा।

आपको बता दें कि पीएम मोदी ने आठ नवंबर को 500 रुपए और 1,000 रुपए के नोट को बैन करने का ऐलान किया था।

पीएम मोदी ने जिस दिन ऐलान किया उस दिन पाक में काफी हलचलें तेज थीं। पाक में लोग मान रहे थे कि कहीं मोदी जंग का ऐलान तो नहीं करने जा रहे। 

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पाक अर्थव्‍यवस्‍था पर राय

ब्‍लूमबर्ग की ओर से कहा गया था कि साउथ एशियन देशों जिसमें भारत और पाकिस्‍तान भी शामिल है, वे ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों को औपचारिक अर्थव्‍यवस्‍था में लाने की कोशिशें कर रहे हैं और टैक्‍स अदा करने से बचने की आदत को रोकने में लगे हुए हैं।

वहीं जब उनसे पाक की अर्थव्‍यवस्‍था के बारे में पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि पाक ऐसे कदमों पर ध्‍यान लगा रहा है जिससे वित्‍तीय समावेश बढ़े। उन्‍होंने इसे पाक के लिए सबसे बड़ी चुनौती करार दिया।

उन्‍होंने जानकारी दी कि पाकिस्‍तान की चौथाई व्‍यस्‍क जनसंख्‍या के पास बैंक अकाउंट है। स्‍टेट बैंक चाहता है कि वर्ष 2020 तक यह दोगुना हो और इसके लिए 14,000 बैंकों की शाखाएं काफी कम हैं।

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पाक में जाली नोट छापने वाले परेशान

पीएम मोदी के इस फैसले से पाक में मौजूद उन लोगों को भी करारा झटका लगा है, जो जाली नोट भारत भेजते थे।एजेंसियों की ओर से आई रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 4,500 करोड़ की जाली मुद्रा अर्थव्‍यवस्‍था का हिस्‍सा थी।

सरकारी एजेंसियों की ओर से वर्ष 2005-2007, 2008-2010 और 2011-2013 तक तीन बार भारी मात्रा में नकली मुद्रा जब्‍त की गई। इसमें विदेशों में 78 जब्तियां भी शामिल हैं।

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English summary
Pakistan central bank reacts on Prime Minister Narendra Modi's note ban decision and called PM Modi's decision a extreme.
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