भारत से न लड़कर अपने लोगों को बचाए पाकिस्‍तान

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पाकिस्‍तान। भारत और पाकिस्‍तान को अलग बने हुए 69 साल से भी ज्‍यादा का समय हो गया है। पर इसके बावजूद दोनों देशों के बीच तनाव कम न होकर बढ़ता ही रहता है। इतने सालों से चली आ रही इस तनातनी से आखिर नुकसान किसका है। इस पर पाकिस्‍तान के एक बुद्धिजीवी ने सवाल उठाते हुए पाकिस्‍तान को लपेटा है।

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पाकिस्‍तान को दिखाईं दो तस्‍वीरें
पाकिस्‍तान के नागरिक और टोंरटो में हाल में रहने वाले मुर्तजा हैदर ने पाकिस्‍तानी अखबार डॉन में एक लेख लिखकर कहा कि पाकिस्‍तान को भारत से लड़ने से ज्‍यादा खुद के लोगों के लिए काम करना चाहिए। उन्‍होंने पाकिस्‍तान के रक्षा दिवस पर कहा कि पाकिस्‍तान को अपनी दो तस्‍वीरें देखने के लिए कहा है।

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अपने लेख के जरिए पाकिस्‍तान की दो तस्‍वीरें दिखाते हुए मुर्तजा कहते हैं कि पाकिस्‍तान में एक तरफ वो लोग हैं जो अच्‍छी और शानदार सोसायटी में रहते हैं और शानदार खाना खाते हैं तो दूसरी तरफ ऐसे लोग भी हैं जो लगातार ज्‍यादा हिंसा का सामना कर रहे हैं।

ऐसे लोग न तो अपने परिवारों की रक्षा कर पा रहे हैं और न ही भरपेट खाना खा पा रहे हैं। ऐसे लोगों को अपना भविष्‍य अंधकार में दिखता है क्‍योंकि उनके पास कोई भी उम्‍मीद भी नहीं बची है।

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ऊंचे पदों पर बैठे लोग दूसरों का हक मार
मुर्तजा हैदर ने अपने लेख में लिखा है कि इतने सालों के बीत जाने के बाद भी समाज में नीचे स्‍तर पर जीने वाले लोगों के जीवन स्‍तर में कोई भी बदलाव नहीं आया है।

हैदर ने अपने लेख में पाकिस्‍तान के ऊंचे पदों पर बैठे लोगों की आलोचना की है। उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान के लोग एक साथ कई लोगों के हकों का मार कर बैठे हुए हैं।

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मुर्तजा हैदर में पाकिस्‍तान में संयुक्‍त राष्‍ट्र विकाय कार्यक्रम यूएडीपी के प्रमुख रहे मार्क आंद्रे फ्रांच और हंस वोन स्‍पोनेक के हवाले से लिखा है कि कुछ लोग कई लोगों के संसाधनों पर कब्‍जा जमाए बैठे हुए हैं। मार्क आंद्रे हाल में ही पाकिस्‍तान में यूएनडीपी के प्रमुख के पद से रिटायर हुए हैं।

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बेहद सस्‍ते और बिना पढे-लिखे मजदूरों का फायदा उठाते

हैदर ने उनके अंतिम दिए इंटरव्‍यू के जरिए पाकिस्‍तान पर निशाना साधते हुए कहा कि समाज में ऐसे लोग नहीं होने चाहिए कि पैसा बनाने के लिए बेहद सस्‍ते और बिना पढे-लिखे मजदूरों का फायदा उठाते हैं।

ऐसे लोग अपने खुशी के लिए लंदन में पार्टी करते हैं, दुबई में खरीदारी, संपत्ति खरीदने के लिए दुबई, यूरोप और न्‍यूयॉर्क को चुनते हैं। अब पाकिस्‍तान में रहने वाले ऐसे लोगों को तय करना होगा कि उन्‍हें अपना देश चाहिए या नहीं।

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उन्‍होंने लिखा कि भारत के खिलाफ वर्ष 1965 के युद्ध को याद करते हुए रक्षा दिवस मनाने वाले पाकिस्‍तान की आज की बड़ी जरूरत अपने लोगों को समाज में ऊपर लाना है नाकि भारत के साथ लड़ना है।

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English summary
defeding pakistani socitey is more nessessary than fighting with india
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