भारत की और चिंता बढ़ाएगा चीन, परमाणु क्षमता के मामले में हो जाएगा सबसे ताकतवर

एक रिपोर्ट का दावा अगले 15 वर्षों में परमाणु क्षमता के मामले में अमेरिका को पीछे छोड़ देगा चीन। फिलहाल अमेरिका के पास हैं सबसे ज्‍यादा परमाणु हथियार।

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सिंगापुर। अगले 15 वर्षों में चीन दुनिया का वह देश बनेगा जिसके पास परमाणु हथियार बनाने की क्षमता सबसे ज्‍यादा होगी। इसके साथ ही चीन, अमेरिका को इस मामले में पीछे छोड़ देगा। भारत के लिए यह खबर खासतौर पर चिंताजनक है क्‍योंकि चीन और पाकिस्‍तान की करीबी अब किसी से छिपी नहीं है।  

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क्‍या है रिपोर्ट में

वर्ल्‍ड न्‍यूक्लियर एसोसिएशन (डब्‍लूयएनए) ने और न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स ने इस रिपोर्ट के हवाले से यह बात कही गई। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2020 तक फ्रांस परमाणु क्षमता के लिहाज से दुनिया का दूसरा देश होगा। 

डब्‍लूयएनए की डायरेक्‍टर जनरल एजेंटा राइजिंग ने कहा है कि अगले 10 से 15 वर्ष के अंदर चीन प्रदूषण से निबटने के लिए नए रिएक्‍टर्स बनाएगा।

राइजिंग के मुताबिक‍ चीन के लिए इस समय वायु प्रदूषण सबसे बड़ी चिंता का विषय है। राइजिंग ने यह जानकारी न्‍यूक्लियर एनर्जी वीक से अलग हटकर कही।

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क्‍या है एशिया की हालत

रिपोर्ट मंगलवार को रिलीज की कई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक एशिया में 134 ऐसे रिएक्‍टर्स है जिनसें 400 टेरावॉट की बिजली वर्ष 2015 में पैदा की गई। यह आंकड़ा दुनिया का 16 प्रतिशत है।

अब जब यह रिपोर्ट आ ही गई तो आपक के लिए जानना जरूरी है कि वर्तमान समय में किस देश के पास कितने परमाणु हथियार हैं और कौन सा देश आने वाले समय में अपनी ताकत बढ़ा सकता है।

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एक नजर डालिए अमेरिका, फ्रांस, चीन और रूस समेत भारत-पाकिस्‍तान के पास वर्तमान समय में मौजूद परमाणु हथियारों की ताकत के बारे में। 

अमेरिका

अमेरिका दुनिया का पहला देश है जिसने सबसे पहले परमाणु हथियार बनाने शुरू किए और सबसे पहले इनका प्रयोग किया। वर्ष 1940 से 1996 तक अमेरिकी सरकार 8.8 ट्रिलियन डॉलर की रकम परमाणु हथियार पर खर्च कर चुका था। 21 अक्‍टूबर 1939 को अमेरिका ने अपना परमाणु कार्यक्रम शुरू किया और एक जुलाई 1945 को पहला परमाणु परीक्षण किया। अमेरिका दुनिया का पहला देश भी है जिसने परमाणु हथियार का प्रयोग किया। द्वितीय विश्‍व युद्ध के दौरान अमेरिका ने जापान के हीरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु हमला किया था। अमेरिका ने 23 सितंबर 1992 को अपना आखिरी परमाणु परीक्षण किया था। वर्तमान समय में अमेरिका के पास 6,970 परमाणु हथियार हैं जिनमें से 1,750 परमाणु हथियार एक्टिव हैं। 

रूस

अमेरिका के बाद रूस दुनिया का दूसरा देश था जिसने परमाणु परीक्षण किया। रूस ने 29 अगस्‍त 1949 को पहला परमाणु परीक्षण किया था। द्वितीय विश्‍व युद्ध के बाद शुरू हुए इस प्रोजेक्‍ट को सोवियत एटॉमिक बम प्रोजेक्‍ट नाम दिया गया था। 24 अक्‍टूबर 1990 को रूस ने अपना आखिरी परमाणु परीक्षण किया। रूस के पास वर्तमान समय में कुल 7,300 परमाणु हथियार हैं और इनमें से 1,790 हथियार एक्टिव हैं। 

फ्रांस

फ्रांस की बात अगर करें तो वह रूस और अमेरिका से कहीं पीछे नजर आता है। फ्रांस ने अपना पहला परमाणु परीक्षण 13 फरवरी 1960 को किया था। आखिरी परमाणु परीक्षण 27 जनवरी 1996 को हुआ। वर्तमान समय में फ्रांस के पास 300 परमाणु हथियार हैं जिनमें से 290 एक्टिव भूमिका में हैं।

चीन

अगले 15 वर्षों में परमाणु क्षमता के लिहाज से अमेरिका को पीछे छोड़ने को तैयार चीन के पास इस समय 260 परमाणु हथियार हैं और कोई भी सक्रिय नहीं है। चीन ने अपना पहला परमाणु परीक्षण 16 अक्‍टूबर 1964 को किया था। आखिरी परीक्षण 29 जुलाई 1996 को किया गया था।

भारत

भारत ने परमाणु कार्यक्रम की शुरुआत 1967 में की थी और पहला परमाणु परीक्षण सही मायनों में वर्ष 1998 में हुआ। अब तक करीब छह टेस्‍ट्स हो चुके हैं। भारत के पास परमाणु हथियारों की संख्‍या करीब 120 है और पाकिस्‍तान का मानना है कि भारत 400 से 500 तक परमाणु हथियार बना सकता है। पाक के न्‍यूजपेपर डॉन के मुताबिक, इंस्टीटयूट ऑफ स्ट्रेटेजिक स्टडीज इस्लामाबाद (आईएसएसआई) ने भारत की परमाणु क्षमता को लेकर रिसर्च की है और उसमें यह बात सामने आई है। 

पाकिस्‍तान

मई 1998 में भारत के परमाणु परीक्षण के बाद पाकिस्‍तान ने अपना पहला परमाणु परीक्षण किया। आज पाकिस्‍तान के पास 120 से 130 परमाणु हथियार हैं। पाकिस्‍तान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अक्‍सर सवाल उठते रहते हैं। माना तो यहां तक जाता है कि पाक, नॉर्थ कोरिया के परमाणु कार्यक्रम में चीन के जरिए मदद करता है।   

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English summary
According to World Nuclear Association (WNA) China to have largest nuclear power capacity in next 15 years.
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