चुनाव आयोग के 11 रिमाइंडर पर नहीं जागी सरकार

Posted By: Vikash
Subscribe to Oneindia Hindi

नई दिल्ली। ईवीएम के कथित दुरुपयोग को लेकर जारी राजनीतिक लड़ाई के बीच एक नया खुलासा हुआ है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, चुनाव आयोग ने वीवीपीएटी मशीनों को लेकर केंद्र सरकार को 11 बार रिमाइंडर भेजा है, लेकिन अभी तक सरकार के पास मामला विचाराधीन है। पुख्ता जानकारी के मुताबिक जून 2014 के बाद से चुनाव आयोग की तरफ से वीवीपीएटी मशीनों के लिए फंड को लेकर 11 बार रिमाइंडर भेजा जा चुका है।

vvpts चुनाव आयोग के 11 रिमाइंडर पर नहीं जागी सरकार

आयोग के सूत्रों का कहना है कि उन्हें करीब 1.4 मिलियन वीवीएपीएटी वोटर वेरिफाइएबल पेपर यूनिट ट्रेल मशीन की आवश्यकता है। फिलहाल उनके पास केवल 53,000 मशीन है। ऐसे में 2019 का आम चुनाव वीवीपीएटी मशीनों के साथ चुनाव कराने का सपना कैसे पूरा होगा ?

आपको बता दें कि पांच राज्यों में हुए चुनाव के बाद से कई पार्टियां ईवीएम के दुरुपयोग की बात कह रही हैं। यूपी में हार के बाद सबसे पहले बीएसपी चीफ मायावती ने ईवीएम को लेकर सवाल खड़े किए थे। जिसके बाद से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सवाल खड़े किए थे। तो इधर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ईवीएम को लेकर लगातार बीजेपी को घेर रहे हैं।

चुनाव आयोग ने केंद्र को लगातार वीपीपीएटी मशीन के लिए 3,174 करोड़ रुपए निर्गत करने के लिए अनुरोध कर रहा है। लेकिन अभी तक केंद्र सरकार ने ध्यान नहीं दिया है। चुनाव आयोग ने अंतिम रिमाइंडर 22 मार्च 2017 को भेजा था।

इससे पहले सरकार भी कह चुकी है कि चुनाव आयोग को 2019 के लोकसभा चुनावों में सभी मतदान केंद्रों के लिए 16 लाख से अधिक पेपर ट्रेल मशीन की जरूरत पड़ेगी, ताकि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के जरिए मतदान को लेकर संदेह दूर हो सके। पेपर ट्रेल मशीन में मतदान की पुष्टि करने वाली पर्ची निकलती है। पर्ची में यह दिखाया जाता है कि उसने किसको वोट दिया। मशीन से निकलने के बाद इस पर्ची को मतदाता को एक विशिष्ट बक्से में डालना होता है। वह इस पर्ची को अपने साथ नहीं ले जा सकता। कानून राज्य मंत्री पी. पी. चौधरी प्रश्न के लिखित जवाब में चुनाव आयोग के हवाले से राज्यसभा में भी जानकारी दे चुके हैं।

देश-दुनिया की तबरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
11 Reminders To Centre On Funds For VVPATs.
Please Wait while comments are loading...