सीरिया, पेरिस में हुए हमलों पर शोक जाहिर करने वाले उरी हमले पर क्‍यों नहीं रोते?

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नई दिल्‍ली। उरी में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्‍तान के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। एमएनएस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद फवाद खान भारत छोड़कर पाकिस्‍तान जा चुके हैं।

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अब इसके बाद एमएनएस कार्यकर्ता ऐमी खोपकर ने कहा कि हम व्‍यक्तिगत रूप से किसी कलाकार के खिलाफ नहीं हैं। पर देश और कला को अलग नहीं किया जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि ऐसे मौकों पर देश ही पहले आता है।

उन्‍होंने कहा कि जब सीरिया और पेरिस में आतंकी हमले होते हैं तो पाकिस्‍तान के कलाकार अपनी तरफ से दुख जाहिर करते हुए ट्वीट करते हैं। पर उरी आतंकी हमलों पर उन्‍होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया।

आपको बताते चलें कि इससे पहले हिंदी फिल्‍मों के कलाकार अनुपम खेर ने भी भारत में काम करने वाले पाकिस्‍तानी कलाकारों की आलोचना करते हुए कहा था कि पाकिस्‍तान के कलाकारों को उरी हमले की निंदा करनी चाहिए।

वहीं अभिनेता सैफ अली खान ने कहा कि हम कलाकार लोग है और हम शांति और प्‍यार की बात करते हैं। उन्‍होंने कहा कि सरकार को इस बारे में सरकार को फैसला करना चाहिए कि कौन भारत में काम करेगा और कौन नहीं करेगा।

उन्‍होंने कहा कि फिल्‍म इंडस्‍ट्री दुनिया भर के टैलेंट के लिए खुली है और खासकर सीमा पर के टैलेंट का स्‍वागत किया जाता है। पर इन सब पर सरकार को फैसला लेना होगा।

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English summary
Pak artistes tweet sympathy on syria and paris attack but nothing on Uri attacks
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