मुंबई: 1 करोड़ रुपए की फिरौती के लिए 2 युवकों ने तीन साल की बच्ची को जान से मारा

महाराष्ट्र के मुंबई में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसके बारे में जानकर दिल दहल जाएगा। दो युवकों ने 3 साल की बच्ची का इसलिए अपहरण कर लिया क्योंकि उन्हें यह लगता था कि उसके पिता के पास बहुत पैसा है।

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मुंबई। मुंबई स्थित जेजे मार्ग पुलिस ने उस लड़की का शव बरामद किया है जो 5 दिसंबर को ही संदिग्ध हालत में गायब हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने 2 युवकों असलम और जावेद को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक नागपाड़ा के डनकन रोड के पास रहने वाली तरन्नुम फातिमा उर्फ जुनेरा एक कबाड़ का व्यापार करने वाले मुमताज खान की बेटी है। इसी महीने की 21 तारीख को वो 4 साल की होने वाली थी। तरन्नुम को पुलिस ने उसी के घर पर 30 फीट ऊपर रखे पानी की टंकी के पास से बरामद किया।

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तरन्नुम का शरीर, एक प्लास्टिक बैग में मोबाइल फोन के चार्जर के बांधा हुआ था। शव बुरी तरह से सड़ चुका था। इस हत्या की जानकारी पुलिस को शनिवार को हुई, जब तरन्नुम के अपहरण की जांच हो रही थी। तरन्नुम के परिजनों से कहा गया था कि वो 1 करोड़ रुपए दें, तभी उन्बें उनकी बेटी वापस मिलेगी। पुलिस को गुप्त सूत्रों से यह जानकारी मिली कि एक इंटिरियर डेकोरेटर का बेटा 16 वर्षीय असलम, जो इस मामले में कुछ संदिग्ध लोगों की पहचान कर रहा था, वो खुद इसमें शामिल था। पूछताछ के दौरान असलम ने स्वीकार किया कि तरन्नुम को उसी दिन मार दिया गया था, जिस दिन उसे अपहृत किया गया था।
पुलिस के मुताबिक असलम को यह लग रहा था कि मुमताज खान के पास बहुत सारे पैसे होंगे। उसने पुलिस को बताया कि शुरूआत में तरन्नुम को क्लोरोफॉर्म दिया गया ताकि वो बेहोश रहे लेकिन कुछ देर बाद उसके नाक से खून बहने लगा, इतने में वो खुद परेशान हो गया और उसे मार डाला। 3 अन्य बच्चो के पिता मुमताज इस घटना के बाद से बुरी तरह सहमे हुए हैं। मुमताज ने कहा कि कैसे कोई मेरी बच्ची को मार सकता है? उसने उनका क्या बिगाड़ा था? जोनल डीसीपी मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि तरन्नुम के गायब होने के बाद से हमने हर चीज को ध्यान में रख कर जांच पड़ताल की।
कहा कि 19 दिसबंर के दिन से मुमताज को 1 करोड़ रुपए की फिरौती के लिए फोन आने लगे। सभी फोन अलग-अलग जगहों से किए जा रहे थे। सभी फोन नंबरों के कागजात भी फर्जी थे। अपहरण कर्ताओं ने अलग-अलग जगहों से करीब 24 फोन किया। शर्मा ने कहा कि परिजनों से हमने कहा कि फिरौती की रकम पर बातचीत मे अपहरणकर्ताओं को उलझाए रखें, ताकि हम उन्हें ट्रैक कर सकें। आखिर में वो 28 लाख रुपए पर मान गए। 23 दिसबंर को अपहरणकर्तओं ने कहा कि मुमताज सीएसटी से ट्रेन के जरिए कलवा टनल आए। फिर वहां रुपयों से भरा बैग, छोड़ जाएं। वहां जब पुलिस अपहरणकर्ताओं को चंगुल में लेने लिए दौड़ी तो वो भागने में सफल हो गए।
इसी के बाद घरवालों को उनके फोन भी आने बंद हो गए। शर्मा के मुताबिक जब काल्स को ट्रैक किया जा रहा था, उसी वक्त ये अंदाजा लग गया था कि ये किशोर ही हैं। इसकी वजह से हमारा असलम पर और भी शक गहरा गया , जो इस मामले में हमारे लिए 5 संदिग्धों में से एक था। शनिवार को पुलिस ने चॉल के सारे फोन सीज कर दिए। इसके बाद इस मामले में असलम के दोस्त जावेद को पकड़ा। जिसके सामने असलम ने यह कबूल किया कि उसने ही तरन्नुम को मारा है। उसने कहा कि तरन्नुम की बॉडी उसने उसी के घर किचन की खिड़की से सिर्फ 6 फीट की ऊंचाई पर रखा है।
पुलिस ने कहा कि वॉटर टैंक हर रोज ओवर फ्लो करता था, इसलिए शरीर बहुत ज्यादा नहीं सड़ा था। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा का 5 दिसंबर को असलम न क्लोरोफॉर्म लेकर आया और उसे अपने घर में ही रथा। जब तरन्नुम खेलने के लिए बाहर आई तो उसने क्लोरोफॉर्म सुंघा दिया। इसके बाद तरन्नुम की मां ने जब उसकी खोजबीन की तो असलम के घर भी गईं, इससे वो और ज्यादा परेशान हो गया और उसे मार डाला। तरन्नुम की बड़ी बहन मुस्कतन ने कहा कि उसके गायब हो जाने के बाद असलम पास की एक मस्जिद में भी लोगों से यह कहने गया था कि अगर तरन्नुम के बारे में कोई जानकारी मिले तो बता दें। वहीं तरन्नुम की चाची शाजुन्निसा ने कहा कि असलम को फांसी की सजा दी जानी चाहिए। ये भी पढ़ें: मुंबई: पिता को अंतिम विदाई देने के लिए इंद्राणी मुखर्जी एक दिन के लिए जेल से बाहर

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English summary
Mumbai:Two 16-year-olds held for killing 3-year-old girl
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