'मैंने चाहा नहीं उसके साथ जाऊं, ना जाने कैसे सब होता चला गया'

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi

मुंबई। कैब ड्राइवरों से जुड़े अपने अनुभव कई लोगों से आपने सुने होंगे, खासतौर से देर रात ऑफिस या पार्टी से घर लौटने वाली लड़कियों के साथ कैब ड्राइवरों के साथ अच्छे-बुरे कई तजुर्बे होते हैं। मुंबई की हिमानी जैन ने भी कैब से घर लौटते हुए अपने साथ हुई एक घटना का जिक्र फेसबुक पर किया है। तमाम अनुभवों के बावजूद इस तरह का वाकया शायद ही आपने पहले सुना हो।

himani

हिमानी जैन ने बुधवार शाम को ऑफिस से घर लौटते हुए कैब में अपने साथ हुए वाकये को फेसबुक पर साझा किया है। हिमानी जैन के साथ क्या हुआ, ये उन्ही के शब्दों में पढ़िए।

हिमानी ने गुरुवार को ये पोस्ट की है, ''मैंने कल शाम को ऑफिस से घर जाने के लिए टैक्सी को बुलाया। टैक्सी का ड्राइवर शाहिद (बदला हुआ नाम) काफी शालीन और नर्म मिजाज का था। मैं करीब 30 साल की महिला गायत्री (बदला हुआ नाम) के साथ टैक्सी शेयर कर रही थी। उसके कैब में बैठने के कुछ देर बाद ही उसकी ड्राइवर शाहिद से बहस शुरू हो गई।'

'दरअसल शाहिद एप जिस रूट को दिखा रही थी, उससे जाना चाहता था जबकि गायत्री की जिद थी कि जैसे वे कह रही है वैसे ही चला जाए। शाहिद लगातार कंपनी के नियम का हवाला गृदे रहा था और वो लगातार उसके लिए खराब भाषा का इस्तेमाल कर रही थी। देखते ही देखते गायत्री उसके लिए चू.., मादर.. और इसी तरह के शब्दों का इस्तेमाल करने लगी।'

फेसबुक पर लगाई मुख्‍यमंत्री से गुहार, कहा-मुझे और मेरे परिवार को जान का खतरा

'गायत्री ने मुझ पर भी बिगड़ना शुरू कर दिया'

हिमानी आगे लिखती हैं, 'गायत्री उसे पुलिस थाने चलने और मुझे भी उसके खिलाफ शिकायत करने को कहने लगी तो मैंने कहा कि गलती तो आप ही की है, ये तो लगातार आपको मैडम-मैडम कर रहे हैं। इस पर वो मुझ पर भी बिगड़ने लगी। दोनों ने ही 100 नंबर पर फोन मिलाकर पुलिस को सूचना दी, तब तक वहां 20-22 लोग और दो महिला सुरक्षाकर्मी भी पहुंच गईं। मैंने उन महिला सुरक्षाकर्मियों को बताने की कोशिश की कि मामला क्या है। शाहिद ने मुझसे परेशानी के लिए माफी मांगते हुए दूसरी टैक्सी से चले जाने की बात कही।'

'कुछ ही देर में पुलिस आ गई तो मैंने उन्हें भी मामले को समझाने की कोशिश की। वो दोनों को पुलिस स्टेशन ले जाने लगी तो वहां पहले से मौजूद महिला सुरक्षाकर्मियों ने मुझसे कहा कि मैडम आप भी चले जाइए, औरत का मामला है इसकी कोई नहीं सुनेगा। 9 बज चुके थे, घड़ी मुझे इजाजत नहीं दे रही थी लेकिन मैं उनके साथ पुलिस स्टेशन चली गई। मैंने चाहा नहीं कि रात मे पुलिस स्टेशन जाऊं, ना जाने कैसे सब होता चला गया।'

'जब कांस्टेबल ने गायत्री से पूछा कि मैडम क्या परेशानी है, तो उसने लगातार शाहिद पर झूठे आरोप मढने शुरू कर दिए। मैंने कांस्टेबल को बताया कि मैं इन दोनों में से किसी को भी एक घंटे पहले नहीं जानती थी, जो देखा वहीं बता रही हूं किसी की तरफदारी नहीं कर रही। गायत्री सरासर झूठ बोल रही है'

महिला सवारी के सामने उबर ड्राइवर ने किया फिर से गंदा काम

शाहिद के चिल्लाने की आवाज पर मैं तुरंत दौड़ी

'पुलिस के शाहिद के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देने के बावजूद गायत्री पुलिस स्टेशन से बाहर निकलने को तैयार नहीं थी, वो 11 बजे तक वहीं जमी रही। मैंने पुलिस को मामला बताया तो वो समझ गए और मुझ पर यकीन किया लेकिन गायत्री के लगातार उसको सबक सिखाए जाने की मांग पर वो शाहिद को एक कमरे में ले गए'

'जैसे ही कमरे से बेल्ट से किसी को मारे जाने और शाहिद के चिल्लाने की आवाज आई, मैं तेजी से कमरे में पहुंची। मैं ये देखकर चौंक गई कि एक सिपाही फर्श पर बेल्ट मार रहा है और शाहिद खड़ा होकर मुस्कुराते हुए दर्द की आवाज निकाल रहा है। पता नहीं कि वो सही था या गलत लेकिन मैं मुस्कुरा दी, क्योंकि मैं खुश थी'

'गायत्री पुलिस स्टेशन से चली गई तो पुलिस अधिकारी ने ड्राइवर के पक्ष में खड़े होने के लिए मेरा शुक्रिया किया. उन्होंने कहा कि मैं नहीं होती तो वो जरूर महिला की बात पर यकीन कर उसके साथ-मारपीट कर बैठते।'

'मैंने शाहिद का नंबर लिया और घर पहुंचने के एक घंटे बाद उसको फोन किया, उसने कहा कि वो एकदम ठीक है। ये सुनने के बाद मैं सुकून से सो पाई।'

हिमानी जैन की ये पोस्ट 4000 से ज्यादा बार शेयर हो चुकी है। फेसबुक पर लोग उन्हें खूब शाबाशी दे रहे हैं। साथ ही मुंबई पुलिस की भी तारीफ कर रहे हैं। ये रही उनकी पूरी पोस्ट

'उन्होंने हम दोनों बहनों को बेड पर बांध दिया और बारी-बारी से रेप किया'

देश-दुनिया की तबरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Mumbai girl cab experience was so different
Please Wait while comments are loading...