दो साल के बेटे को रोज घंटो रेत में दबाती है मां, वजह रुला देने वाली

मुंबई में समंदर किनारे लोग अमूमन मौज-मस्ती के लिए जाते हैं लेकिन मलाड बीच पर एक मां-बेटा पिछले कुछ दिन से सबके लिए चर्चा का विषय बने हैं।

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मुंबई। मुंबई के मलाड बीच पर रोजाना बडी संख्या में लोग आते हैं। सभी यहां मौज-मस्ती और उछल-कूद करते दिखते हैं। वहीं एक मां पिछले कुछ समय से अपनी दो साल के बेटे को लेकर वहां आती है और उसे घंटो तक दो फीट के गड्ढे में दबाए रखती है।

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प्रतिभा जोशी पिछले कुछ दिनों से रोजाना मलाड बीच पर जाती है वो वहां जाकर एक दो फुट के गड्ढे में बेटे वंश को खड़ा करती हैं और उसे रेत से दबा देती हैं।

दो साल के वंश के साथ प्रतिभा घंटों बैठी रहती हैं। जब प्रतिभा से पूछा गया कि वो ऐसा क्यों कर रही हैं और दो साल के बेटे को क्यों घंटों इस तरह से रेत में दबाती हैं, तो उन्होंने इसकी जो वजह बताई वो किसी भी भावुक कर सकती है।

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सामान्य बच्चों की तरह नहीं हैं वंश के पैर

प्रतिभा ने बताया कि वंश दो साल पहले जब पैदा हुआ तो वे सामान्य नहीं था। जन्म के बाद वंश को 22 दिन तक आईसीयू में रखना पड़ा था। वंश की जान तो बच गई लेकिन वो एक सामान्य बच्चे की तरह नहीं बढ़ा। वंश दो साल का होने के बावजूद अपना पैरों पर किसी सहारे से भी खड़ा नहीं हो पाता है।

प्रतिभा कहती हैं कि वक्त बीतने के साथ हमें ये अहसास होता गया कि वंश के शरीर के कई अंगों का विकास नहीं हो रहा है। वंश को डॉक्टरो को दिखाया तो उसका काफी इलाज और कई थेरेपी की गईं।

प्रतिभा कहती हैं कि वंश को बहुत इलाज और थेरेपी की जरूरत है, जबकि उसके पति की आमदनी 8000 रुपए महीना है। ऐसे में वो वंश की मंहगी थेरेपी तो नहीं करा सकते लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।

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पहले भी इस तरह ठीक हुआ है एक बच्चा!

प्रतिभा एक के बाद एक कई डॉक्टरों से मिलीं और मदद की गुहार लगाई। प्रतिभा को एक डॉक्टर ने सलाह दी कि सैंड थेरेपी (रेत से इलाज) भी ऐसे मामलों में कई मौकों पर कारगार साबित होती है।

इसके बाद प्रतिभा बेटे को लेकर बीच पर आईं और उसे रोजाना घंटों रेत में खड़ा करना शुरू कर दिया। प्रतिभा को बीच पर ही किसी ने बताया कि पहले भी एक औरत इसी तरह से बीच पर आती थी और उसका बेटा एक साल में चलने लगा था।

पहले भी इस थेरेपी से इलाज होने की बात ने प्रतिभा को उम्मीद की नई किरण दिखी दी है। वो रोजाना वंश को लेकर बीच पर आती हैं और बेटे को रेत में दबा देती हैं। वो कहती हैं कि वंश एक दिन अपने पैरों पर जरूर चलेगा।

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English summary
Mother digs pit on malad beach for physically challenged baby therapy
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