युवाओं को नहीं मिली नौकरी तो देश में फैल सकती अशांति और निराशा-प्रणब मुखर्जी

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छिंदवाडा। देश के राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने युवाओं के लिए ज्‍यादा से ज्‍यादा नौकरियां पैदा की जाए, इस बात जोर दिया है। उन्‍होंने कहा कि युवा होते भारत में रोजगार उपलब्‍ध कराना सबसे बड़ी चुनौती होगी।

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उन्‍होंने कहा कि अगर युवाओं को रोजगार देने में हम सफल नहीं हो पाते हैं तो निश्‍चित तौर पर देश में अशंति और निराशा बढ़ेगी।

प्रणब मुखर्जी ने कहा कि पूरी दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश भारत है। अगर यहां पर रोजगार की कमी होती है तो भारत को चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

उन्‍होंने कहा कि इस देश की आधी आबादी की उम्र 25 साल से कम है। इन युवाओं के पास अगर नौकरी होगी तो वो हमारी सबसे बड़ी ताकत होंगे और अगर उनके पास नौकरी नहीं होगी तो भारत में अशांति और निराशा आएगी। आज के युवाओं से कहा कि रोजगार पाने के लिए सिर्फ शैक्षिणक योग्‍यता का होना ही जरूरी नहीं है बल्कि आप के अंदर अलग क्‍या स्किल हैं, यह बात ज्‍यादा जरूरी है।

उन्‍होंने कहा कि पूरा देश जानता है कि यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में हर साल बड़ी संख्‍या में लोग स्‍नातक की परीक्षा पास करके बाहर आ रहे हैं, पर उनमें से ज्‍यादातर के पास नौकरी नहीं है।

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English summary
President Pranab Mukherjee says india may face unrest, frustration if youths remain jobless
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