5 साल की अनन्या को वंडर गर्ल बनाने का फर्जीवाड़ा

Subscribe to Oneindia Hindi

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महज पांच साल की उम्र में नौंवी कक्षा में दाखिला पाने वाली अनन्या पर सवाल खड़े हो गये हैं। अनन्या के दाखिले पर अब तलवार लटकने लगी है। डीआईओएस उमेश त्रिपाठी अनन्या को नौंवी कक्षा में दाखिला देने के अपने फैसले से अब पलट गये हैं।

शोध में खुलासा...आलसी लोग होते हैं ज्यादा बुद्धिमान

Wonder girl of Lucknow Ananya is no wonder her admission is under scanner

दरअसल अनन्या को स्कूल प्रशासन ने यह कहते हुए दाखिला दिया था कि वह विशेष प्रतिभा की धनी है, इसी को ध्यान में रखते हुए उसे सीधे नौंवी कक्षा में दाखिला दिया जा रहा है। लेकिन जब अनन्या से कुछ सवाल पूछे गये तो वह इसका जवाब देने में पूरी तरह से विफल रही।

अनन्या ना तो देश के राष्ट्रपति का नाम, प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम बता सकी और ना ही की 15 तक का टेबल सुना सकी। इन सवालों के जवाब देने में विफल रहने के बाद स्कूल प्रशासन पर सवाल उठने लगे कि किस आधार पर अनन्या को दाखिला दिया गया हैा।

दिल्ली: सरकारी स्कूल में छठी क्लास के आधे बच्चे एक शब्द नहीं जानते

डीआईओएस उमेश त्रिपाठी ने भी सेंट मीराज स्कूल को अनन्या के दाखिले की स्वीकृति दी थी और उसे विशेष प्रतिभा का धनी बताया था। लेकिन जब अनन्या सामान्य से सवालों का जवाब नहीं दे सकी तो उमेश त्रिपाठी ने यू टर्न ले लिया है। उमेश त्रिपाठी का कहना है कि अनन्या की उम्र पांच साल है, ऐसे में ऑनलाइन फॉर्म भरते समय यह अपने आप रद्द हो जाएगा।

लेकिन ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब पहले से ही यह नियम था तो किस आधार पर अनन्या को दाखिला दिया गया। डीआईओएस पर सेंट मीराज स्कूल के साथ मिलीभगत का आरोप लग रहा है। वहीं स्कूल प्रशासन भी अब वंडर गर्ल के बारे में कुछ भी बोलने से कतरा रहा है। स्कूल प्रशासन ने अनन्या का टेस्ट लेने का दावा तो किया है लेकिन टेस्ट की कॉपी दिखाने से इनकार कर दिया है।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Wonder girl of Lucknow Ananya is no wonder her admission is under scanner. She failed to answer basic question which raises question on her admission.
Please Wait while comments are loading...