भाजपा नेता बृजपाल पर हमले का पर्दाफाश, पुरानी रंजिश के चलते हुए हमला

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मेरठ। भाजपा नेता बृजलाल तेवतिया पर हुई गोलीबारी पर यूपी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ की टीम ने तेवतिया पर हमले के पीछे की साजिश की वजह को मीडिया के सामने रखा। मेरठ जोन के आईजी सुजीत पांडे ने प्रेस कांफ्रेंस के जरिए पूरी घटना की जानकारी दी।

UP Police exposes the conspiracy behind the attack on BJP leader Brijpal Tevatia

घटना की वजह

एसटीएफ के मुताबिक इस घटना के पीछे की वजह के बारे में बताते हुए आईजी ने बताया कि मनीष, सुरेश दीवान का पुत्र है। सुरेश दीवान दिल्ली पुलिस में कॉस्टेबल थे। दीवान के पास जमीन को लेकर बृजपाल से रंजिश थी जिसके बाद उनकी 1999 में हत्या कर दी गयी थी। सुरेश दीवान की हत्या के पीछे मुख्य आरोपी बृजपाल तेवतिया थे, लेकिन उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। गांव के लोगों का कहना है कि 17 साल पुरानी रंजिश इस घटना के पीछे की मुख्य वजह है।

घटना में महिला कॉस्टेबल के शामिल होने के सबूत नहीं

वहीं कॉस्टेबल सुनीता के इस घटना में शामिल होने की खबर से आईजी सुजीत पांडे ने इनकार किया है। उन्होंने कहा कि हमारे पास इस बात के कोई भी पुख्ता सबूत नहीं है कि इस घटना में सुनीता या एक एसआई शामिल है।

4 गिरफ्तार, 7 फरार

सुजीत पांडे ने बताया कि इस घटना के चार मुख्य आरोपियों रामकुमार, निशांत, राहुल त्यागी व जितेंद्र उर्फ पोपे को गिरफ्तार कर लिया गया है। राम कुमार ने घटना से पहले रेकी की और घटना की योजना बनाने में शामिल है। राम कुमार रेकी में शामिल थे, इसने घटना की योजना बनायी थी। इसने बृजपाल तेवतिया के बारे में बताया, जबकि निशांत शूटर है जो गाड़ी में सवार था, राहुल त्यागी भी षड़यंत्र में शामिल था, जबकि जितेंद्र ने घटना को अंजाम देने के लिए शूटर को अरेंज करने में मदद की है।

घटना की पूरी योजना मनीष ने की थी जोकि मेहरौली का रहने वाला है। जबकि मनोज जोकि इसका चचेरा भाई है, निशांत, राहुल व जितेंद्र मुख्य साजिशकर्ता है। इस मामले में अभी भी सात लोग अभी भी फरार है। इस मामले में अभी भी मनीष, मनोज, गौरव, अभिषेक, बिट्टू, पहलवान, संसार सिंह अभी भी इस घटना के आरोपी हैं जो अभी फरार है।

घटना से पहले रेकी की गयी

पूछताछ में यह भी बात सामने आयी है कि मनीष ने जमीन बेचकर जो पैसा हासिल उसे इस घटना को अंजाम देने में इस्तेमाल किया गया है। घटना से पहले रामकुमार ने दो तीन बार तेवतिया की रेकी की और जहां-जहां वह जाते थे उनका पीछा किया करता था। पूछताछ में यह बात सामने आयी है कि आरोपियों ने 11 अगस्त को तेवतिया के घर पर गये और वहां इन्होंने उनका पीछा किया। रामकुमार ने स्कूटी से तेवतिया का पीछा किया और यह सीसीटीवी में साफ देखा जा सकता है।

बरामद की गयी पिस्टल व एके-47

घटना के तुरंत बाद बैरियर डालकर चेकिंग शुरु हुई, घटना स्थल से एके-47, दो पिस्टल बरामद की गयी थी। वहीं निशांत के पास से स्कूटी व मोबाइल बरामद हुआ है। मोबाइल में काफी सबूत मौजूद है, जिसे हम कोर्ट में पेश करेंगे। रामकुरमार के पास से मोबाइल व सिम बरामद हुआ है।

लूट की गाड़ी थी फॉर्च्यूनर

घटना के बाद रामकुमार अपनी स्कूटी से भाग गया और बाकी के सात लोग जो फॉर्च्यूनर में थे गाड़ी छोड़कर भाग निकले। फॉर्च्यूनर गाड़ी लूट की गाड़ी थी जिसपर दूसरा नंबर लगाया गया, इसकी एफआईआर पहले ही दर्ज की गयी है।

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English summary
UP Police exposes the conspiracy behind the attack on BJP leader Brijpal Tevatia. STF claims to reveal the conspiracy behind the attack.
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