कहां जाकर रुकेगी सपा में ये नाक की लड़ाई, पढ़िए विवाद की जड़ें

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लखनऊ। मुलायम कुनबे में शीर्ष नेताओं के बीच जारी जंग अब क्‍लाइमेक्‍स पर पहुंच गई है। अंदरखाने चल रही चाचा-भतीजे की लड़ाई इस कदर बढ़ गई कि मुलायम सिंह ने उत्तर प्रदेश में पार्टी की कमान बेटे अखिलेश यादव से लेकर अपने छोटे भाई शिवपाल यादव को सौंप दी।

Reason behind clash between Akhilesh Yadav and Shivpal Singh Yadav
 

बस क्‍या, उसके तुरंत बाद अखिलेश ने भी काउंटर अटैक किया और चाचा शिवपाल यादव से तीन मंत्रालय छीन लिए। यहां सवाल उठता है कि भतीजे अखिलेश को चाचा शिवपाल से इतनी नाराजगी क्यों है और शिवपाल अखिलेश से इतना बिदकते क्यों हैं? तो चलिए आपको उन खास कारणों के बारे में बताते हैं।
...तो इन वजहों से शिवपाल को सौंपी गई प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी 

कौमी एकता दल के विलय से शुरु हुआ विवाद

बीते 21 जून को शिवपाल सिंह यादव ने कौमी एकता दल विलय का औपचारिक ऐलान कर दिया था। जिस दिन इस ऐलान के लिए संयुक्‍त प्रेस कॉन्‍फ्रेंस रखा गया था उस दिन अखिलेश यादव
जौनपुर गए थे।

इस बात से नाराज अखिलेश 22 जून को जब लखनऊ लौटकर आए तो उन्‍होंने शिवपाल पर काउंटर अटैक किया और यूपी के माध्यमिक शिक्षा मंत्री बलराम सिंह यादव को बर्खास्त कर दिया। बलराम सिंह उन प्रमुख नेताओं में शामिल थे जिन्होंने कौमी एकता दल का विलय करवाने में अहम रोल अदा किया था।

गायत्री प्रजापति और राजकिशोर सिंह की बर्खास्तगी

सोमवार को अखिलेश यादव ने दो कैबिनेट मंत्रियों गायत्री प्रजापति और राजकिशोर सिंह को बर्खास्त कर दिया। अखिलेश ने राज किशोर पर भ्रष्टाचार व जमीन हड़पने के कई आरोप होने की बात कही। वहीं गायत्री प्रजापति को बर्खास्‍त करने के पीछे उनपर अवैध खनन में शामिल होने की बात कही गई। राजकिशोर और गायत्री प्रजापति शिवपाल यादव के बेहद करीबी कहे जाने वाले मंत्री थे। इस फैसले पर शिवपाल यादव ने नाराजगी जताई थी।
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मुख्य सचिव दीपक सिंघल को हटाया जाना

दो मंत्रियों की छुट्टी के अगले ही दिन अखिलेश ने यूपी के चीफ सेक्रेटरी दीपक सिंघल को मुख्य सचिव के पद से हटा दिया। हालांकि दीपक सिंघल को अखिलेश का करीबी कहा जाता था लेकिन हाला ही में दीपक सिंघल दिल्ली में अमर सिंह के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

इस कार्यक्रम में शिवपाल सिंह, मुलायम सिंह यादव शामिल हुए थे, लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे। कहा जा रहा है कि दीपक सिंघल की अमर सिंह और शिवपाल सिंह से बढ़ती करीबी के चलते उन्हें मुख्य सचिव के पद से हटाया गया।

भतीजे से आहत चाचा अब इस्‍तीफे पर अड़े

अखिलेश के इस कदम से शिवपाल यादव इस कदर आहत हुए हैं कि उन्‍होंने इस्‍तीफे की पेशकश कर दी है। वह अखिलेश कैबिनेट में काम न करने पर अड़े हैं। उन्‍होंने मुलायम सिंह को सीएम बनाने की मांग रखी है। उधर, अखिलेश ने आज अपने दो सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द करके अपनी नाखुशी का इजहार भी कर दिया। ये कार्यक्रम हिंदी संस्थान और पीडब्ल्यूडी में थे।

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English summary
Know the reason behind clash between Akhilesh Yadav and Shivpal Singh Yadav.
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