यूपी में अपराध की राजनीति रात दूनी, दिन चौगुनी बढ़ रही

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के चुनाव की दस्तक के साथ ही तमाम सियासी दल एक दूसरे पर बाहुबलि और अपराधियों को टिकट देने का आरोप लगा रहे हैं। लेकिन जिस तरह से पत्नी की हत्या के आरोपी अमनमणि त्रिपाठी को टिकट दिया है उसने पार्टी के लिए काफी मुश्किलें खड़ी की है।

बाहुबल और पैसे के आगे पार्टियों ने घुटने टेके

बाहुबल और पैसे के आगे पार्टियों ने घुटने टेके

लेकिन अपराधियों को टिकट देना और उन्हें अपनी पार्टी में जगह देना सिर्फ एक पार्टी का हाल नहीं बयां करता है बल्कि तमाम अहम सियासी दल भी इसी लिस्ट में शामिल हैं। तमाम पार्टियां पैसे और बाहुबल के दम पर यूपी की सियासत में अपने पैर मजबूत करने की होड़ में लगी हैं।

एडीआर के आंकड़ों ने पार्टी की हकीकत सामने रखी

एडीआर के आंकड़ों ने पार्टी की हकीकत सामने रखी

2012 के एडीआर पर नजर डाले तो भाजपा के 53.2 फीसदी, सपा के 49.6 और बसपा के 36.3 फीसदी विधायक आपराधिक छवि के नेता है। इन विधायकों पर हत्या, लूट, बलात्कार और डकैती जैसे संगीन आरोप हैं।

पूरा परिवार हत्या का आरोपी, सपा ने दिया टिकट

पूरा परिवार हत्या का आरोपी, सपा ने दिया टिकट

महाराजगंज के नौतनवा से सपा प्रत्याशी अमनमणि त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया गया है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि अमरमणि त्रिपाठी और उनकी मां भी हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रही हैं। ऐसे में सपा का ऐसे उम्मीदवार को टिकट देना पार्टी के उस दावे की पोल खोलता है वह कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर है।

2007 के बाद 2012 में दोगुना बढ़े आपराधिक छवि के लोग

2007 के बाद 2012 में दोगुना बढ़े आपराधिक छवि के लोग

जिस तरह से 2012 के चुनाव में 46 फीसदी आपराधिक छवि के नेता विधानसभा पहुंचे उसने इन तमाम पार्टियों की मंशा की पोल खोल दी है। 2007 के आकड़ों पर भी नजर डालें तो कुल 78 विधायक यानि 19.35 फीसदी विधायक विधानसभा चुनकर पहुंचे थे। ऐसे में 2007 की तुलना में अपराधिक छवि के नेताओं की संख्या में दोगुने से ज्यादा की बढ़ोत्तरी हुई है

सपा सबसे आगे

सपा सबसे आगे

सपा में के कुल 224 विधायकों में से 111 विधायक आपराधिक छवि के हैं यानि पार्टी में 49.6 फीसदी नेता ऐसे हैं जिनपर आपराधिक मामले हैं। इनमे से 56 के खिलाफ गंभीर अपराध के मामले हैं।

बसपा-भाजपा भी पीछे नहीं

बसपा-भाजपा भी पीछे नहीं

वही बसपा के कुल 80 में से 29 विधायक आपराधिक छवि के हैं जोकि कुल 36.3 फीसदी है, जिनमें 14 पर गंभीर आरोप हैं। वहीं भाजपा के 47 विधायको में 25 पर आपराधिक मामले हैं जोकि 53.2 फीसदी हैं जिनमें 14 पर गंभीर आरोप के मामले हैं।

छोटे दल भी अपराधियो के साए में

छोटे दल भी अपराधियो के साए में

आपराधिक उम्मीदवारों को टिकट देने के मामले में कांग्रेस और रालोद भी शामिल हैं। जहां कांग्रेस के 28 विधायकों में 13 आपराधिक छवि के नेता है जिनमें से 7 के खिलाफ गंभीर आरोप है। जबकि रालोद के 9 विधायकों में 2 आपराधिक छवि के हैं जिसमें से एक पर गंभीर आरोप का मामला है।

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English summary
Race to give tickets to alleged criminal in UP Samajwadi party at front. Compare to 2007 in 2012 more than 200 percent candidate have been given ticket. अपराधियों को टिकट देने की उत्तर प्रदेश में लगी होड़, 2007 और 2012 में आपराधिक छवि के दोगुने उम्मीदवारो को दिए गए टिकट
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