यूपी में गांधी परिवार दिखाएगा अपना दम, पीके ने तैयार किया मास्टर प्लान

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के चुनावी अभियान का कांग्रेस ने बिगुल फूंक दिया है। 27 साल यूपी बेहाल के नारे के साथ राहुल गांधी यूपी में किसान यात्रा पहले ही शुरु कर चुके हैं। लेकिन अब कांग्रेस अपने प्रचार के अंतिम चरण की तैयारियों में जुट गई है।

उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार के अभियान में हर किसी के मन में यह सवाल है कि प्रियंका गांधी कब प्रचार करने के लिए मैदान में उतरेंगी। यह सवाल ना सिर्फ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं बल्कि प्रशांत किशोर को भी है। वह खुद प्रियंका गांधी को प्रचार के लिए उतारना चाहते हैं।

प्रियंका जल्द उतरेंगी मैदान में

प्रियंका जल्द उतरेंगी मैदान में

प्रशांत किशोर कांग्रेस के चुनाव प्रचार को तेज करने के लिए जल्द ही प्रियंका गांधी को मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि प्रियंका पहले चरण के राहुल गांधी के चुनाव प्रचार में शामिल नहीं हुई लेकिन जल्द ही वह मैदान में उतर सकती हैं।

दूसरे चरण की अगुवा होंगी प्रियंका

दूसरे चरण की अगुवा होंगी प्रियंका

कांग्रेस का पहला चरण 2 अक्टूबर को खत्म हो रहा है। इसके बाद पार्टी अलग रणनीति के साथ मैदान में आएगी, जोकि प्रियंका गांधी के इर्द गिर्द घूमेगी। सूत्रों की मानें तो पीके ने इसके लिए योजना बना ली है। इस योजना के तहत प्रियंका दीवाली के बाद चुनाव प्रचार में उतरेंगी। ऐसे में अगर चुनाव प्रचार वह शुरु करती हैं तो अगले तीन महीने यानि जनवरी तक कांग्रेस का प्रचार अभियान काफी तेज होने वाला है।

प्रियंका-राहुल नहीं होंगे साथ

प्रियंका-राहुल नहीं होंगे साथ

रणनीति के अनुसार जब प्रियंका गांधी प्रचार करेंगी तो राहुल गांधी प्रचार अभियान से दूर रहेंगे। हालांकि वह कभी-कभी प्रियंका के प्रचार अभियान में शामिल हो सकते हैं। दोनों भाई-बहन इस दौरान एक साथ मंच कम साझा करेंगे, दोनों ही प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में प्रचार करेंगे।

गांधी परिवार के इर्द-गिर्द घूमेगा प्रचार अभियान

गांधी परिवार के इर्द-गिर्द घूमेगा प्रचार अभियान

प्रियंका गांधी के चुनाव प्रचार की जो रणनीति बना रहे हैं उनका कहना है कि यह अभियान मुख्य रूप से गांधी परिवार के योगदान, इंदिरा गांधी का यूपी से रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमेगा। वहीं राहुल गांधी समस्याओं के निदान पर बात करेंगे, इसके साथ ही वह खराब प्रशासन और गरीबों की दुर्दशा पर बात करेंगे।

तीसरे चरण में उतर सकती हैं सोनिया गांधी

तीसरे चरण में उतर सकती हैं सोनिया गांधी

वहीं चुनाव के आखिरी चरण का प्रचार जनवरी माह से जबतक चुनाव नहीं होते तक चलेगा। माना जा रहा है कि इस चरण में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी खुद मैदान में उतरेंगी, बशर्ते उनका स्वास्थ्य ठीक रहा। पार्टी के वरिष्ठ नेता ने बताया कि उनके कंथे में गंभीर चोट है और वह उसका इलाज करा रही हैं लिहाजा वह इस समय चुनाव प्रचार नहीं कर सकती हैं। ऐसे में अगर वह प्रचार के मैदान में उतरती हैं तो पूरा गांधी परिवार एक साथ यूपी का मोर्चा संभालेगा।

कांग्रेस ही है पीके के लिए बड़ी चुनौती

कांग्रेस ही है पीके के लिए बड़ी चुनौती

कांग्रेस पार्टी के भीतर दो गुट एक साथ हैं जो कि एक दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। एक तो पार्टी के रणनीतिकार प्रशांत किशोर जबकि दूसरे पार्टी के पारंपरिक कार्यकर्ता। एक तरफ जहां पीके प्रियंका को बतौर सीएम उम्मीदवार प्रोजेक्ट करना चाहते थे तो दूसरी तरफ पार्टी इसके खिलाफ एकजुट हो गई।

पीके चाहते थे कि सभी पूर्व यूपी के कांग्रेस एमपी चुनाव लड़े जिनमें से कुछ केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। लेकिन इस सुझाव ने पार्टी के भीतर बड़ा विरोध झेला। लेकिन जो हालिया मतभेद है वह यह है कि पीके ने एकदम से अयोध्या को बिना पार्टी से सुझाव लिए प्रचार का हिस्सा बना लिया है।

क्या होगा कांग्रेस का लक्ष्य

क्या होगा कांग्रेस का लक्ष्य

जिस तरह से कांग्रेस यूपी के चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक रही है, यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस यूपी में क्या मुकाम हासिल करती है। शुरुआत में पार्टी ने 170 सीटों का लक्ष्य रखा था लेकिन अब यह बातचीत 50-55 सीटों पर आ गई है। कांग्रेस के आशावादी नेताओं का मानना है कि इस स्थिति में पहुंचकर भी पार्टी एक बार फिर से यूपी में खड़ी हो सकती है।

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English summary
Congress strategy in UP poll likely to be a big challenge for other parties. PK has comme up with the final plan for the party.
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