क्या अमरीका पर परमाणु हमला कर देगा उत्तर कोरिया?

By: जोनाथन मार्कस - राजनयिक संवाददाता
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उत्तर कोरिया
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उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम के कारण संकट ख़तरनाक स्तर पर पहुंच गया है. पिछले चार दशकों से उत्तर कोरिया को समझाने की कोशिश जारी रही कि वह अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को रद्द कर दे.

ऐसा पहले से ही लग रहा था कि उत्तर कोरिया परमाणु हथियार और मिसाइल क्षमता हासिल करने में लगा है.

इसे जानना अंसभव है कि उत्तर कोरिया के पास वास्तविक क्षमता कितनी है. उत्तर कोरिया दावा करता है कि उसके पास ऐसी मिसाइल है जिसकी जद में अमरीका है. उत्तर कोरिया के हाल के दो परीक्षणों से पश्चिम के देश भी इस बात को मानने लगे हैं कि उसके दावों में सच्चाई है.

जापान की सरकार ने हाल ही में सुरक्षा से जुड़ा श्वेतपत्र जारी किया है. इसमें इस बात को स्वीकार किया गया है कि उसके पास पहले से ही छोटे परमाणु हथियार है और इन्हें लंबी दूरी की मिसाइलों में फ़िट किया जा सकता है.

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अमरीकी अधिकारियों का भी मानना है कि उत्तर कोरिया ने छोटे परमाणु हथियारों को विकसित कर लिया है जो लंबी दूरी की मिसाइलों पर फ़िट होने में सक्षम है. इसके बावजूद साफ़ नहीं है कि उसके पास परमाणु हथियार हैं या नहीं. हालांकि उत्तर कोरिया ने परीक्षण का दावा किया है.

अब उत्तर कोरिया के लिए एक सक्रिय लंबी दूरी की परमाणु क्षमता हासिल करने का सवाल अगर, मगर और कब में नहीं है. वह इस क्षमता का इस्तेमाल कब करेगा यह आने वाले कुछ सालों में साफ़ हो जाएगा.

'ट्रंप का राष्ट्रपति होना दुर्घटना'

उत्तर कोरिया के हालात और अमरीका में डोनल्ड ट्रंप का राष्ट्रपति होना भी एक संयोग हैं. डोनल्ड ट्रंप का व्हाइट हाउस पहुंचना इतिहास की दुर्घटना है. इस संयोग के कारण उत्तर कोरिया के परमाणु संकट को और ख़तरनाक बना दिया है. इसमें अमरीकी राष्ट्रपति के कोलहालपूर्ण विदेश नीति की झलक भी देख सकते हैं.

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उत्तर कोरिया पर ट्रंप के ट्वीट में उनकी अनुभवहीनता, गीदड़ भभकी और धमकी को साफ़ तौर पर महसूस किया जा सकता है. ट्रंप के इस रवैये से चिंता और बढ़ी है. उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन को पश्चिम अप्रत्याशित और अनियंत्रित रूप में देखता है. अब तो ट्रंप को भी उसी रूप में दुनिया देखने लगी है.

अमरीका के एक पूर्व रक्षा मंत्री ने ट्रंप की व्याख्या करते हुए 'जाना-अनजाना' व्यक्ति कहा है. किसी को नहीं पता है कि ट्रंप कैसी प्रतिक्रिया देंगे. ऐसे में हालात और ख़तरनाक बन जाते हैं. इसके साथ ही यह भी लगता है कि वह ध्यान केंद्रित कर रहे हैं लेकिन कम से कम चीन पर नहीं.

ज़ाहिर है कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां पता नहीं चलता है कि अमरीका की वास्तविक नीति क्या है. जटिल कुटनीति में संदेश की स्पष्टता काफ़ी अहम होती है. ऐसे में यह सवाल उठता है कि अमरीकी विदेश नीति का वास्तविक प्रतिनिधि कौन है?

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क्या अमरीकी विदेश मंत्री रेक्स टिलर्सन उत्तर कोरियाई संकट में अपनी भूमिका सही से अदा कर रहे हैं? अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप उत्तर कोरिया से बातचीत की भी संभावना जता चुके हैं. क्या ट्रंप के ट्वीट से ऐसा लगता है कि उत्तर कोरिया पर दबाव काफ़ी बढ़ रहा है?

इसमें कोई शक नहीं है कि उत्तर कोरिया संकट में स्थिति काफ़ी नाजुक हो गई है. उत्तर कोरिया के नहीं थमने का मतलब है कि वह जल्द ही अमरीका पर परमाणु हमले के लिए सक्षम हो जाएगा.

गेमचेंजर हालात

अभी के हालात गेमचेंजर की तरह हैं. ट्रंप प्रशासन कई मोर्चों पर नीतिगत संकटों से जूझ रहा है. ख़ासकर चीन, दक्षिण कोरिया और जापान के लिए ट्रंप प्रशासन का कोई स्पष्ट रुख़ नहीं है. अमरीका को किसी ने किसी तरह से उत्तर कोरिया का सामना करना होगा.

इसके कई विकल्प हो सकते हैं- प्रतिबंधों को और बढ़ाना, इलाक़े में सैन्य मौजूदगी और मजबूत करना और ज़रूरत पड़ी तो युद्ध के लिए तैयार रहना. दूसरे शब्दों में कहें तो उत्तर कोरिया में सत्ता परिवर्तन के बिना समस्या का समाधान नहीं है. कोरियाई प्रायद्वीप में एक महायुद्ध और चीन की मौजूदगी एक बड़ा घटनाक्रम है जिसे अंजाम देना इतना आसान नहीं है.

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एक दूसरा उपाय उत्तर कोरिया को नियंत्रण में रखना हो सकता है. पिछले हफ़्ते संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ व्यापार प्रतिबंध लगाया था. हालांकि प्रतिबंधों के ज़रिए उत्तर कोरिया को काबू में रखना आसान नहीं है. काबू में रखने की प्रक्रिया में भिड़ने की आशंका निहित है.

ज़ाहिर है यहां कूटनीति अहम भूमिका अदा कर सकती है. लेकिन समस्या यह है कि उत्तर कोरिया की टेक्निकल बढ़त जारी है और ट्रंप प्रशासन में अनिश्चितता का माहौल है.

इस बार यूएन के सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया पर जो प्रतिबंध लगाया है उसका रूस और चीन ने भी समर्थन किया है. चीन ने भी कहा कि उत्तर कोरिया परमाणु और मिसाइल परीक्षण रोके.

उत्तर कोरिया संकट को कूटनीति के ज़रिए हल करने की संभावना किस हद तक है इस पर पर्याप्त आशंका है क्योंकि अतीत में यह कामयाब नहीं रहा है.

BBC Hindi
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English summary
Will North Korea attack nuclear weapons on US?.
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