तो एक सेकेंड लंबा होगा नए साल के स्‍वागत का इंतजार जानिए क्‍यों

By:
Subscribe to Oneindia Hindi

वाशिंगटन। अगर आप नए साल का स्‍वागत करने का इंतजार कर रहे हैं तो फिर आपको करीब एक सेकेंड अतिरिक्‍त इंतजार करना होगा। वर्ष 2016 के अंतिम क्षणों में एक 'लीप सेकेंड' जुडे़गा। यूएस नेवल ऑर्ब्‍जवेटरी की ओर से बताया गया कि 31 दिसंबर 2016 को दुनिया की घड़ी में 23 घंटे, 59 मिनट और 59 सेकेंड पर को-ऑर्डिनेटेड यूनिवर्सल टाइम (यूटीसी) के तौर यह अतिरिक्‍त सेकेंड जुड़ेगा। जानिए आखिर क्‍यों होगा ऐसा?  

कम रह गई धरती की स्‍पीड

यूटीसी को फ्रांस की राजधानी पेरिस स्थित इंटरनेशनल ब्‍यूरों ऑफ वेट्स एंड मेजर्स में निर्धारित किया जाता है। 31 दिसंबर को 60 सेकेंड वाला मिनट 61 सेकेंड का होगा। धरती के धीमी गति घूमने की वजह से अतंराष्‍ट्रीय समय का हिसाब रखने वाली घड़‍ियों पर खासा असर पड़ा है। यह घड़‍ियां धरती के कदमताल से कुछ पीछे रह गई हैं। औसतन धरती को इस वर्ष 2 मिलीसेकेंड के हिसाब से घूमना था लेकिन वह 1.5 मिलीसेकेंड की गति से प्रति दिन ही घूम पाई। वैज्ञानिक इस नतीजे पर पहुंचे कि 500 से 700 दिन के बाद धरती के समय और अटॉमिक टाइम में करीब एक सेकेंड का अंतर रह गया।

leap-second-एक-सेकेंड-लंबा-होगा-नया-साल

आखिरी लीप सेकेंड जून 2015 को था

इंटरनेशनल अर्थ रोटेशन एंड रिफ्रेंस सिस्‍टम्‍स सर्विस (आईइआरएस) वह संस्‍था है जो दोनों स्‍तरों पर समय का अंतर परखती है और इस संस्‍था की ओर से ही लीप सेकेंड के लिए कहा गया है। वर्ष 1972 में इंटरनेशपल एटॉमिक टाइम और यूटीसी का सिस्‍टम ईजाद किया गया था। तब से करीब 26 अतिरिक्‍त लीप सेकेंड्स छह माह से सात वर्ष के अंतराल में जुड़ चुके हैं। हालिया लीप सेकेंड 30 जून 2015 को था। कई पश्चिमी अफ्रीकी देश, ब्रिटेन, आयरलैंड और आइसलैंड यूटीसी का प्रयोग करते हैं और इन देशों में लीप सेकेंड 31 दिसंबर को होगा। बाकी देशों को लीप सेकेंड उनके टाइम जोन के हिसाब से तय किया जाएगा।   

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
According to the US Naval Observatory on December 31, 2016, a 'leap second' will be added to the world's clocks at 23 hours, 59 minutes and 59 seconds Coordinated Universal Time (UTC).
Please Wait while comments are loading...