'शव को मलबे से निकालते समय पता नहीं था वो मेरा बेटा है'

Subscribe to Oneindia Hindi

अलेप्पो। सीरिया में पिछले कई सालों से जारी युद्ध के चलते वाइट हेलमेट उभर कर सामने आया है। वाइट हेलमेट पहने सिविल डिफेंस कार्यकर्ता अपनी जान खतरे में डालकर लोगों की जान बचाने का काम करते हैं।

syria

कई बार इन लोगों के सामने ऐसी मुश्किल घड़ी भी आ जाती है जब उन्हें किसी अपने को ही मलबे से निकालना पड़ता है। कई बार वे अपनों को बचाने में कामयाब हो जाते हैं, तो कई बार आंखों के सामने अपनों को दम तोड़ते देखते हैं।

मुरादाबाद में शस्त्र पूजा के बाद हवाई फायरिंग, दो गिरफ्तार

कुछ ऐसा ही हुआ वाइट हेलमेट के कार्यकर्ता अबू हसन के साथ। 50 साल के अबू हसन ने अपने उस दिन के भयानक अनुभव को साझा किया और बताया कि उनकी क्या हालत हो गई थी।

शव का चेहरा देखते ही पैरों तले खिसक गई जमीन

अबू हसन ने बताया कि जब वह अपने साथियों के साथ बमबारी की जगह पर पहुंचे, तो एक युवक बुरी तरह से खून में लथपथ मलबे में दबा पड़ा था। अपने काम के अनुरूप उन्होंने उस युवक को मलबे से बाहर निकलाने का काम शुरू किया।

चीन क्यों नहीं चाहता मसूद अजहर पर बैन, ये हैं 6 वजहें

जैसे ही उन्होंने साथियों के साथ मिलकर उस शव को बाहर निकाला और उसे पलटकर उसका चेहरा देखा, तो मानो अबू हसन के पैरों तले जमीन खिसक गई हो। दरअसल, वह शख्स और कोई नहीं, बल्कि अबू हसन का बेटा ही था।

आंखों के सामने छा गया अंधेरा

अबू हसन ने कहा कि जब उन्होंने अपने बेटे का शव देखा तो कुछ देर के लिए तो उनकी आंखों के सामने अंधेरा छा गया था। उन्हें कुछ होश नहीं रहा, वह सब कुछ भूल गए। अबू हसन कहते हैं कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि किसी दिन उन्हें अपने ही बेटे को इस तरह की हालत में देखना पड़ेगा।

रूस ने चला ऐसा दांव, भागने लगे कच्‍चे तेल के दाम, भारत में भी महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल

उस रात अबू हसन अपने बेटे के शव के साथ पूरी रात वाइट हेलमेट की ब्रांच में बैठे रहे और अपने बेटे का सिर सहलाते रहे। इसके बाद उन्होंने अपने बेटे को दफनाया और फिर दोबारा लोगों की मदद करने के अपने काम में जुट गए।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
story of a white helmet person from syria
Please Wait while comments are loading...