पश्चिम के मर्दों में घट रही है मर्दानगी, जानिए क्‍या है असली वजह

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नई दिल्‍ली। पिछले 40 सालों में पश्चिम देशों में रहने वाले पुरुषों की मर्दानगी में कमी आई है। जी हां उनके स्‍पर्म काउंट में 60 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। ऐसा हम नहीं बल्‍कि साइंटिफिक स्‍टडीज की प्रमुख समीक्षा में कहा गया है। इतना ही नहीं समीक्षा में यह भी कहा गया है कि आधुनिक दुनिया और लोगों का बदलता जीवनशैली पुरुषों की सेहत के लिए गंभीर खतरा होता जा रहा है।

क्‍या है स्‍पर्म काउंट कम होने का कारण

क्‍या है स्‍पर्म काउंट कम होने का कारण

साइंटिफिक स्‍टडीज की प्रमुख समीक्षा में कहा गया कि किटनाशकों का इस्‍तेमाल, हार्मोंस को रोकने वाले केमिकल, डायटिंग, वर्क प्रेशर, धुम्रपान, मोटापा और शराब पीने की लत स्‍पर्म काउंट कम होने के मुख्‍य कारण हैं। इसके चलते पुरुषों में टेस्टिकुलर कैंसर जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं।

60 प्रतिशत घटा स्‍पर्म काउंट

60 प्रतिशत घटा स्‍पर्म काउंट

ह्यूमन रिप्रॉडक्शन अपडेट नाम के जर्नल में इस समीक्षा को प्रकाशित किया गया है। समीक्षा करने वाले शोधकर्ताओं ने बताया है कि इजरायल, अमेरिका, डेनमार्क, ब्राजील और स्पेन का कुल स्पर्म काउंट 1971 से 2011 के बीच 59.3% घटा है जबकि यूरोप, नॉर्थ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और न्यू जीलैंड में स्पर्म काउंट 52.4% तक घटा है।

डायट से मेल फर्टिलिटी पर गलत असर

डायट से मेल फर्टिलिटी पर गलत असर

डायट में जरूरत से ज्यादा ऐल्कॉहॉल, कैफीन, प्रोसेड मीट, सोया और आलू के इस्तेमाल का मेल फर्टिलिटी पर विपरित असर पड़ रहा है। प्रजनन संबंधी समस्याओं के अलावा शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि स्पर्म काउंट में कमी के अलावा टेस्टीकुलर कैंसर का ट्रेंड भी बढ़ा है।

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English summary
Sperm counts have plunged by nearly 60 per cent in just 40 years among men living in the West, according to a major review of scientific studies that suggests the modern world is causing serious damage to men’s health.
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