सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए आई एससीएस में चीन की कारस्तानी

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न्यूयॉर्क। दक्षिण चीन सागर पर अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले को चीन बुरी तरह से नकारने पर जुट गया है। सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों के मुताबिक चीन दक्षिण चीन सागर में अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने में लग गया है। विवादित क्षेत्र में चीन अपनी सामरिक ताकत बढ़ाने के मद्देनजर एयरक्राफ्ट की ताकत बढ़ा रहा है। इसमें चीन द्वारा निर्मित टॉवर और हैंगर सहित कई अन्य अज्ञात निर्माण भी सामने आए हैं।

यह तस्वीरें वाशिंगटन स्थित रिसर्च ऑर्गनाइजेशन, सेंटर ऑफ स्ट्रटीजिक एण्ड इंटरनेशनल स्टडीज द्वारा सैटेलाइट से ली गई हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार फोटो लिए जाने के समय वहां कोई मिलिट्री एयरक्राफ्ट नहीं दिखा लेकिन तीन टापुओं पर विमानों के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले हैंगर दिखे।

मौजूद हैं विमानों के हैंगर, 200 फीट तक हैं चौड़े

सेंटर द्वारा किए गए विश्लेषण में बताया गया है कि टापुओं पर बड़े हैंगर मौजूद हैं जिनमें चीन के एच-6 बॉम्बर, एच-6 यू रिफ्लूयलिंग टैंकर, एक वाई-8 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और केजे 200 एयरबोन वॉर्निंग के साथ-साथ कंट्रोल सिस्टम पैनेल समायोजित किए जा सकते हैं। विवादित क्षेत्र में चीन द्वारा फाइअरी क्रॉस, सुबी और मिसचीफ रीफ्स पर विमानों के लिए जगह बनाई गई है। जिन क्षेत्रों पर चीन द्वारा निर्माण किया गया है वे सभी स्प्रैटली द्वीप का हिस्सा है।

विश्लेषण के मुताबिक टापुओं पर बनाए गए हैंगर 200 फीट तक चौड़े हैं। वहीं छोटे हैंगर भी 60 से 70 फीट तक चौड़े हैं। सभी हैंगरों में चीन के बड़े फाइटर जेट को समायोजित किए जा सकते हैं।

अदालत के फैसले के बाद सामने आईं तस्वीरें

इस मामले पर मैरीटाइम ट्रांसपैरेंसी इनिशिएटिव के निदेशक गेग्ररी पॉलिंग ने कहा है कि यह निर्माण गैरफौजी उद्देश्यों से कहीं आगे है। वहीं कुछ अन्य विश्लेषकों का मानना है कि जो हैंगर सैटेलाइट तस्वीर में दिखे हैं वो संभवतः कुछ समय के लिए बनाए गए थे।

यह तस्वीरें ऐसे समय में सामने आई हैं जब हेग की अतंरराष्ट्रीय अदालत ने चीन के खिलाफ फैसला दिया है जिसके बाद विश्व समुदाय चीन पर यह फैसला मानने का दबाव बना रहा है बता दें कि दक्षिण चीन सागर प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न इलाका है जिसके चलते चीन इस क्षेत्र पर अपना दावा नहीं छोड़ना चाहता। । इस इलाके पर चीन के साथ ही फिलीपीन्स, ताइवान, ब्रुनेई, वियतनाम और मलेशिया का भी दावा है।

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चीन का दावा नहीं कर रहे सैन्यीकरण

वहीं अमेरिका ने विवादित क्षेत्र पर दावा करने वाले देशों से पहले ही अपील की है कि इलाके का सैन्यीकरण न किया जाए। वहीं चीन इस बात से लगातार इंकार करता आ रहा है कि उसके द्वारा किसी प्रकार का सैन्यीकरण किया जा रहा है। चीन द्वारा इन निर्माणों पर कहा जाता रहा है कि यह आत्मरक्षा के लिए है।

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English summary
Some satellite images released by center for strategic and international studies about south china sea. Images are in context of militarization of area by china
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