इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ पाकिस्तान का बड़ा अभियान

Posted By: BBC Hindi
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पाकिस्तानी सेना का कहना है कि उसने कथित इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ अफ़ग़ानिस्तान सीमा से सटे उत्तर पश्चिम के इलाके में एक बड़ा अभियान शुरू किया है.

पाकिस्तानी सेना
Getty Images
पाकिस्तानी सेना

पाकिस्तानी सेना के एक प्रवक्ता के मुताबिक इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों ने अफ़ग़ानिस्तान के भीतर अपनी पकड़ बढ़ा ली है और उन्हें अपना प्रभाव बढ़ाने से रोकने की ज़रूरत है.

उन्होंने कहा कि वायुसेना के समर्थन से चलाए जा रहे ''ख़ैबर 4'' नाम के अभियान के तहत ख़ैबर एजेंसी की राजगल घाटी के पहाड़ी क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.

पाकिस्तान ने इससे पहले अपनी ज़मीन पर इस्लामिक स्टेट की मौजूदगी से इनकार किया था.

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लेकिन अफ़गानिस्तान में इस्लामिक स्टेट के बढ़ते प्रभाव ने पाकिस्तान की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि पिछले दो सालों में दाएश ने पाकिस्तान में कई हमले करने का दावा किया है.

सेना के प्रवक्ता लफ्टिनेंट जनरल आसिफ़ गफ़ूर ने कहा है, "यह अभियान ज़रूरी था क्योंकि दाएश ने वहां पर अपनी जगह बना ली है और हमें राजगल घाटी के रास्ते पाकिस्तानी इलाके में आ रहे उसके असर को रोकना है."

संदिग्ध इस्लामिक स्टेट और तालिबान के लड़ाके
AFP
संदिग्ध इस्लामिक स्टेट और तालिबान के लड़ाके

जनरल गफ़ूर ने कहा कि इस इलाके में दाएश में शामिल लोगों में से अधिकतर पहले अफ़ग़ान और पाकिस्तानी तालिबान के सदस्य रह चुके हैं.

उन्होंने एक बार फिर पाकिस्तान में इस्लामिक स्टेट की मौजूदगी से इंकार किया है. उन्होंने कहा, "यहां उनकी कोई संगठित संरचना नहीं है और हम उन्हें यहां अपने पैर नहीं जमाने देंगे."

उन्होंने कहा, "अफ़गानिस्तान की बात करें तो वहां दाएश मज़बूत होता जा रहा है, लेकिन हमें लगता है कि मध्य पूर्व में दाएश अकेला चरमपंथी समूह नहीं है."

उन्होंने कहा कि वर्तमान अभियान के तहत पहले राजगल घाटी के नज़दीक की सीमाओं को पहले सुरक्षित किया जाएगा और उसके बाद बाकी इलाकों को खाली कराया जाएगा.

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जनरल गफ़ूर का कहना है कि सीमा के पार "एक से अधिक चरमपंथी" समूह हैं जिनका संबंध हाल में पाकिस्तान में हए हमलों से है.

राजगल घाटी और ख़ैबर एजेंसी संघ प्रशासित कबायली इलाकों का हिस्सा हैं जहां शासन की पकड़ थोड़ी ढीली है और इस्लामिक स्टेट खुद को मज़बूत कर रहा है.

अफ़गानिस्तान के कुछ इलाकों पर इस्लामिक स्टेट का नियंत्रण है और साल 2015 से वो पाकिस्तान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर रहा है. 2015 में उसके लड़ाकों ने पाकिस्तान में पहले हमले को अंजाम दिया था.

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उस वक्त इस्लामिक स्टेट ने ख़ुरासन शाखा की स्थापना की घोषणा की थी जो अफ़ग़ानिस्तान और आसपास के इलाकों के लिए एक ऐतिहासिक नाम था.

इसके साथ ही पहली बार इस्लामिक स्टेट ने अरब दुनिया के बाहर अपनी उपस्थिति होने की आधिकारिक घोषणा की थी.

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English summary
Pakistan going after ISIS terrorists hide outs in tribal areas.
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