स्मार्टफोन की तरह फिंगरप्रिंट पढ़कर चलेगी ये पिस्टल

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सैन फ्रैंसिस्को। अमेरिका में आए दिन हो रही हत्याओं और गलती से बंदूक चलने की वजह से मौत होने की बढ़ती तादाद को लेकर कुछ समय पहले ही राष्ट्रपति बराक ओबामा ने चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि अगर आइफोन फिंगरप्रिंट से अनलॉक हो सकता है, तो ऐसा बंदूकों के लिए क्यों नहीं किया जा सकता है।

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भले ही लोगों ने इसे सिर्फ अच्छी बात समझकर भुला दिया हो, लेकिन कोई है, जिसने बराक ओबामा का ये सपना पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

बंदूक की दुनिया का मार्क जुकरबर्ग

बंदूक की दुनिया का मार्क जुकरबर्ग

अमेरिका के कोलोराडो में रहने वाले काई क्लोइफर (Kai Kloepfer) ने महज 19 साल की उम्र में ही ऐसी बंदूक बनाने में सफलता हासिल कर ली है, जो आपके फिंगरप्रिंट स्कैन करके अनलॉक होगी।

काई को बंदूक की दुनिया का मार्क जुकरबर्ग भी कहा जाता है। इस बंदूक को बनाने के लिए काई क्लोइफर ने 4 साल तक कड़ी मेहनत और रिसर्च की, जिसके बाद ये बंदूक बनाने में सफलता प्राप्त की है।

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क्यों बनाई ऐसी बंदूक

क्यों बनाई ऐसी बंदूक

काई कहते हैं कि इस बंदूक को बनाने की पीछे का उनका मकसद यह है कि अमेरिका में आत्महत्या और गलती से बंदूक चलने के कारण होने वाली मौतों में कमी आए।

आपको बता दें कि इस बंदूक में आपकी बीच वाली उंगली यानी मध्यिका के फिंगर प्रिंट स्कैन किए जाते हैं। अगर आपके अलावा कोई और इस बंदूक को चलाना चाहेगा तो वह नहीं चला पाएगा।

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हर तरफ मिल रही तारीफ

हर तरफ मिल रही तारीफ

इंटरनेशनल सैन फ्रैंसिस्को स्मार्ट गन सिम्पोसियम के एक को-स्पॉन्सर रॉन कान्वे (Ron Conway) कहते हैं कि उन्होंने नैपस्टर में निवेश किया था, जब शॉन फैनिंग और सीयन पार्कर 19 साल के थे। मार्क जुकरबर्ग जब 19 साल के थे उनके साथ भी उन्होंने काम किया।

अब वह 19 साल के काई में भी कुछ बड़ा कर गुजरने की क्षमता देखते हैं। उन्होंने काई को बधाई देते हुए कहा- तुम अमेरिका को बचाने जा रहे हो। तुम लोगों की जिंदगियां बचाने जा रहे हो। इसके लिए बंदूक बनाने वाली कंपनियां तुम्हें धन्यवाद नहीं कहेंगी, लेकिन टेक इंडस्ट्री इसके लिए तुम्हे ढेरों बधाई देगी।

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कुछ लोगों ने कहा 'नाकाफी'

कुछ लोगों ने कहा 'नाकाफी'

नेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फाउंडेशन के जनरल काउंसिल लैरी केन (Larry Keane) ने इस नई तकनीक का विरोध तो नहीं किया, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से इसे नाकाफी बताया है। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी ने भी तकनीकी चुनौतियों का पूरी तरह से सही हल नहीं निकाला है।

उन्होंने कहा कि जब कभी आपका आईफोन आपके फिंगरप्रिंट नहीं पढ़ पाता तो आप दो तीन बार ऐसा करते हैं, जिसके बाद वह आपके फिंगरप्रिंट पढ़ लेता है, लेकिन बंदूक के मामले में ऐसा नहीं हो सकता है। वे बोले कि अगर आप अपने बचाव के लिए बंदूक का इस्तेमाल कर रहे हैं और बंदूक ने आपके फिंगरप्रिंट एक बार में नहीं पढ़े तो इससे आपकी जान भी जा सकती है।

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English summary
nineteen years boy made a gun which fire after reading your fingerprint
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