मुसलमानों को मारने की साजिश कर रहे युवक को 30 वर्ष की सजा

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न्‍यूयॉर्क। न्‍यूयॉर्क की एक डिस्ट्रिक्‍ट कोर्ट ने अमेरिकी मैकेनिक ग्‍लेनडन क्रॉफर्ड को 30 वर्ष की सजा सुनाई है। उसे यह सजा एक्‍सरे गन से मुसलमानों को मारने की साजिश करने की वजह से सुनाई गई है।

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वर्ष 2015 में पाए गए दोषी

वह खुद को क्‍यू क्‍लक्‍स क्‍लैन का सदस्‍य बताया था। वर्ष 2015 में क्रॉफर्ड को एक और व्‍यक्ति एरिक फेट के साथ साजिश का दोषी पाया गया था।

क्रॉफर्ड और फेट दोनों ही एक ऐसा हथियार बना रहे थे जिससे रेडिएशन पैदा होता और फिर बड़े स्‍तर पर तबाही मचाई जा सकती थी।

न्‍यूयॉर्क कोर्ट के अटॉर्नी रिचर्ड हरअूनियान ने कहा कि क्रॉफर्ड ने मुसलमानों को उनके धर्म के आधार पर मारने की साजिश रची।

घरेलू आतंकवाद का उदाहरण

इसके अलावा उन लोगों को भी मारने की साजिश थी जिसकी राजनीतिक और सामाजिक भावनाएं उससे मेल नहीं खाती थीं। अटॉर्नी ने क्रॉफर्ड के केस को घरेलू आतंकवाद का केस बताया। 

क्रॉफर्ड पहला ऐसा व्‍यक्ति है जिसे वर्ष 2004 में आतंकवाद पर बनाए गए एक कानून के तहत सजा सुनाई गई है जिसके तहत रेडिएशन फैलाने वाले बमों का प्रयोग हत्‍या के मकसद से किया जाता है।

रेडिएशन से मारने की साजिश

प्रॉसिक्‍यूटर्स का कहना है कि क्रॉफर्ड ने ज्‍यूइश ग्रुप की मदद ली ताकि उसे वित्‍तीय मदद मिल सके और वह अपनी डिवाइस को तैयार कर सके। इस डिवाइस को वह इजरायल के दुश्‍मनों के खिलाफ प्रयोग करना चाहता था।

न्‍यूयॉर्क के जस्टिस डिपार्टमेंट ने आरोप लगाया कि क्रॉफर्ड और उसके साथी एरिक फेट ने एक ऐसी रिमोट कंट्रोल्‍ड युनिट का डिजाइन तैयार किया जिससे एक तय दूरी पर भी रेडिएशन पैदा हो सके और उनकी मौत हो सके।

क्रॉफर्ड जिन लोगों को क्‍यू क्‍लक्‍स क्‍लैन से जुड़ा बिजनेसमेन समझ रहा था वह दरअसल एफबीआई के एजेंट्स थे और अंडरकवर काम कर रहे थे। क्‍यू क्‍लक्‍स क्‍लैन अमेरिका का वह संगठन है चरमपंथी आंदोलनों के आगे बढ़ाने का काम करता है।

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English summary
Man Gets 30 years in prison to kill Muslims with X-Ray divice in New York, US.
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