बॉर्डर ही नहीं, आर्थिक मोर्चे पर भी घबरा रहा ड्रैगन, चीनी मीडिया ने भारत को बताया राइजिंग स्‍टार

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नई दिल्ली। जहां एक ओर डोकलाम में भारत और चीन की सेनाओं के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर चीनी मीडिया ने भी एक घबराहट की ओर इशारा किया है। चीनी मीडिया ने माना है कि मैन्युफैक्चरिंग के मामले में भारत एक राइजिंग स्टार बन गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह सस्ती लेबर और नए ग्राहकों को बताया गया है। हालांकि, ग्लोबल टाइम्स में यह भी लिखा गया है कि भारतीय प्रोडक्ट अभी भी चीन के प्रोडक्ट से 10 साल पीछे हैं खास तौर पर रोजाना इस्तेमाल की चीजों को लेकर।

बॉर्डर ही नहीं, आर्थिक मोर्चे पर भी घबरा रहा ड्रैगन, चीनी मीडिया ने भारत को बताया राइजिंग स्‍टार

चीनी मीडिया ने कहा है कि हाल ही के सप्ताह में राइट विंग के लोगों ने भारत में चीन के सामान का बहिष्कार करने की बात कही थी। ऐसा डोकलाम में भारत-चीन के बीच तनाव को देखते हुए किया जा रहा था। ग्लोबल टाइम्स में आगे लिखा है कि भारत के अखबार ग्लोबल टाइम्स ने एक ऑनलाइन सर्वे करके रिपोर्ट छापी थी, जिसमें लिखा था कि कुल 8,689 लोगों के बीच किए गए सर्वे में यह बात सामने आई है कि करीब 83 फीसदी लोग अभी भी भारतीय प्रोडक्ट के मुकाबले सस्ते चीनी प्रोडक्ट इस्तेमाल करना चाहते हैं।

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भारत के पास मौजूद युवाओं के चलते देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। कई चीनी कंपनियों जैसे टेलिकॉम कंपनी हुवावे ने भारत में मैन्युफैक्टरिंग यूनिट शुरू करने की घोषणा की है। आने वाले 10 सालों के अंदर भारत में तेजी से निवेश बढ़ेगा। मेड इन इंडिया प्रोडक्ट किसी भारतीय कंपनी द्वारा ही बनाए जाने जरूरी नहीं हैं। जैसे हुवावे कंपनी भारत में नौकरी पैदा करेगी और टैक्स देकर देश की ग्रोथ को बढ़ाएगी, इसलिए वह भी भारत की किसी अन्य कंपनी जैसे ही काम करेगी।

इस तरह यह मुमकिन है कि अगले 10 सालों के अंदर मेड इन इंडिया प्रोडक्ट चीन के प्रोडक्ट का मुकाबला कर लें। लेकिन अगर भारत की तरफ से विदेशी निवेशकों के साथ गलत व्यवहार किया गया और सिर्फ अपने देश की कपंनियों के भरोसे रहा गया तो फिर स्थिति खराब हो सकती है।

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English summary
made in india products catch up with chinese goods in next 10 years
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