आतंक के गढ़ में जन्मा केरल से परिवार समेत भागे युवक का बच्चा, संदेश के जरिए दी जानकारी

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नई दिल्ली। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट(IS) का अफगानिस्तान में साथ देने के लिए केरल से गए 21 लोगों में से एक बेक्सिन विंसेंट के बच्चे ने जन्म लिया है। केरल से 2,670 किलोमीटर दूर अफगानिस्तान के एक बेहद पिछड़े गांव में जन्मे इस बच्चे के बारे में उसने अपने पिता केएफ विंसेंट को भी जानकारी दी। जहां इस बच्चे का जन्म हुआ है वहां अमरीका के बी52 बॉम्बर्स सक्रिय हैं और वे ​वहां जिहादिस्ट ग्रुप्स को निशाने पर ले रहे हैं।

आतंक के गढ़ में जन्मा केरल से परिवार समेत भागे युवक का बच्चा, संदेश के जरिए दी जानकारी

आतंकी संगठन के नेता अब्दुल राशिद ने दोस्त को भेजे गए एक टेलीग्राफ संदेश में लिखा भेजा है कि, 'यहां किसी मुजाहिद की जिंदगी कुछ ही महीनों की होती है। उसमें यह भी लिखा है कि मौत का ईनाम अल्लाह अगले जन्म में देता है।' कुछ ऐसा ही संदेश बेक्सिन विंसेंट ने भी अपने बच्चे के जन्म को लेकर लिख भेजा है। इसका भी जिस्ट यही है कि इस्लाम को अपनाने की जरूरत है और अल्लाह अगले जनमे में इसका ईनाम देंगे।

केरल के परिवारों को अफगानिस्तान गए हुए 11 हफ्ते से भी ज्यादा का वक्त बीत चुका है और अबतक इस बात का पता नहीं लगाया जा सका है कि यात्रा के दौरान उन्होंने किस रास्ते को चुना। राशिद के अनुआई में गए इन परिवारों ने टुकड़ों में अबूधाबी, मस्कट और दुबई को चुना है। वहां से उन सभी ने धार्मिक स्थल जाने के नाम पर तेहरान के लिए वीजा का इंतजाम किया। ऐसी ही चाल उन भारतीय युवकों ने भी इस्तेमाल की थी जो सबसे पहले भारत से जाकर सीरिया में आईएस से जुड़े थे।

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आतंक के गढ़ में जन्मा केरल से परिवार समेत भागे युवक का बच्चा, संदेश के जरिए दी जानकारी

ईरान में भारतीय इंटेलिजेंस एजेंसियो ने पाया है कि 21 लोगों का यह केरल समूह अफगानिस्तान में धार्मिक स्थल विजिट करने के बहाने ही एंट्री पाया है। हालां​कि, काबुल में भारतीय दूतावास के मुताबिक, इन लोगों ने वीजा का इस्तेमाल नहीं किया है। इन्होंने ईरान-अफगानिस्तान, पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर सक्रिय आईएस आतंकियों की मदद से अफगानिस्तान में प्रवेश पाया है।

इस महीने की शुरुआत में दिल्ली एयरपोर्ट पर राशिद की पहली बीवी यास्मीन अहमद को विमान से काबुल जाते वक्त धर दबोचा गया था। उसके साथ में राशिद का 5 वर्षीय बेटा भी था। पुलिस के मुताबिक, यास्मीन ने बताया कि उसके पति ने उससे कहा था कि काबुल में एक इंसान उसका इंतजार कर रहा होगा जो कि उसे नागरहढ़ तक ले जाएगा।

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ईसाई से मुस्लिम बनी राशिद की दूसरी बीवी आयशा को उसने छोड़ दिया था। इससे राशिद की 2 वर्षीय बेटी है। एक वरिष्ठ भारतीय कूटनीतिज्ञ ने कहा कि भारतीय सरकार इन परिवारों, खासतौर पर महिलाओं और बच्चों को गलत रास्ते पर जाने से हर हाल में रोकना चाहती है और उन्हें सुरक्षित भारत में लाने का हरसंभव प्रयास कर रही है।

आपको बता दें कि अमरीका ने आतंकी संगठन आईएस के ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं। इस महीने की शुरुआत में उसने अफगानिस्तान में दो बी52 बम दागे थे, जो कि काफी क्षमता वाले थे। बताया जाता है कि यह वही इलाका है जहां केएफ विंसेट के पोते ने जन्म लिया है।

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English summary
In a text to his father, informing him of the still-unnamed grandchild’s birth, Bexin had much the same message, urging him to embrace Islam, and focus on rewards of the afterlife.
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