जर्मनी में दुनिया की पहली ट्रेन जो नहीं बनेगी प्रदूषण का कारण

जल्द ही दुनिया की पहली ट्रेन चलने वाली है जिससे प्रदूषण नहीं होगा।

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नई दिल्ली। इस वक्त पूरी दुनिया प्रदूषण से परेशान है। यहां तक कि देश की राजधानी दिल्ली में आलम ये है कि यहां बीते 17 सालों में सबसे ज्यादा खराब मौसम और हवा फिलहाल है।

ऐसे में जब यह खबर आए कि कोई ऐसी ट्रेन आने वाली है जो प्रदूषण पैदा नहीं करेगी तो पर्यावरण के लिए उम्मीद की किरण दिखाई देती है।

जल्द ही ट्रैक पर होगी ये ट्रेन

कुछ ऐसा ही जर्मनी में हो रहा है जहां दुनिया की पहली शून्य उत्सर्जन वाली ट्रेन जल्द ही ट्रैक्स पर दौड़ना शुरू करेगी।

शून्य उत्सर्जन से आशय उन ट्रेनों से हैं जो बिल्कुल भी प्रदूषण नहीं करेंगी। हाइड्रोजन से चलने वाली कोराडिया आईलिन्ट नाम की यह ट्रेन से धुंए की जगह भाप निकलेगी जिसकी वजह से पर्यावरण को नुकसान नहीं होगा।

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4000 ट्रेनों का है विकल्प

यह ट्रेन इसी साल अगस्त में एक शो के दौरान प्रदर्शित की गई थी। जर्मनी में चलाई जाने वाली इस ट्रेन को उन 4,000 ट्रेनों का विकल्प माना जा रही है जो डीजल से चलती हैं।

ट्रेन की टेस्टिंग इस महीन केआखिरी में किए जाने के बाद इसे अगले साल के अंत तक सार्वजनिक प्रयोग के लिए शुरू कर दिया जाए।

140 किमी प्रति घंटा की स्पीड

इस ट्रेन को बनाने वाली कंपनी आल्स्टम के मुताबिक इसमें लीथियम ऑयन की बैटरी लगी है जो हाइड्रोजन फ्यूल टैंक से चार्ज होती है। इस टैंक की क्षमता 94 किलो है।

इस ट्रेन की अधकितम स्पीड 140 किलोमीटर प्रति घंटा है।

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874 किलोमीटर प्रतिदिन

साथ ही यह 874 किलोमीटर प्रतिदिन यात्रा कर सकती है। इस ट्रेन से एक बार में 300 यात्री सफर कर सकते हैं साथ ही यह ट्रेन ध्वनि प्रदूषण भी कम करेगी। 

सभी तस्वीरें alstom से साभार।

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English summary
First zero emission train of world in germany
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