12 घंटे बाद मलबे से जिंदा निकली तीन साल की बच्ची, खुद मरकर बेटी को जिंदगी दे गया पिता

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi

बीजिंग (चीन)। छह मंजिला इमारत के मलबे में दबी बच्ची 12 घंटे तक जीवित रही, बच्ची अपने पिता के सीने से चिपकी थी। जिसने मरते हुए भी बेटी को दबने नहीं दिया।

china

चीन के पूर्वी तटीय झेजियांग प्रांत में दो दिन पहले भंयकर दुर्घटना में बड़ी संख्या में लोग मलबे में दब गए थे। इसमें 22 लोगों की मौत हुई है।

सैमसंग ने कहा, स्विच ऑफ कर दें अपना गैलेक्सी नोट-7

लगभग 12 घंटे की मशक्कत के बाद राहतकर्मियों ने बचाव कार्य करते हुए मलबे को हटाया है। राहतकार्य के आखिरी पड़ाव में जब राहतकार्मियों ने मलबे में दबे एक परिवार को देखा तो उन्हें इनके जिंदा बचने की कोई उम्मीद नहीं थी।

जब राहतकर्मी मलबा हटाने लगे तो देखा कि पिता के सीने से एक नन्ही बच्ची लिपटी है। पिता मलबे में दबने की वजह से दम तोड़ चुका था लेकिन उसने दम तोड़ने से पहले भी ये ख्याल रखा कि बच्ची को चोट ना पहुंचे।

मां-बाप दोनों की मौत, बच्ची को मामूली चोट

पिता के सीने से बच्ची इस तरह से लगी थी कि ना उसके ऊपर मलबा गिरा और ना ही उसका दम घुटा। बच्ची को हादसे में बहुत मामूली चोटें आईं। बच्ची की मां की लाश भी उसके बराबर में ही थी।

फिक्सर कहे जाने से भड़के अफरीदी, मियांदाद को कोर्ट में घसीटेंगे

तीन साल के बच्ची का 12 घंटे मौत से लड़कर जिंदा निकल आना हर किसी को किसी करिश्मे से कम नहीं लग रहा है। बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बच्ची का 26 वर्षीय पिता जूता फैक्ट्री में काम करता था।

बिल्डिंग ढह जाने से हुए इस हादसे में मरने वालों की संख्या 22 तक पहुंच गई है, जबकि 28 लोगों को निकाल लिया गया है। 800 कर्मियों की टीम ने मलबे में दबे घायलों और शवों को बाहर निकाला।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Father Embrace Saved 3 Year Old Daughter In Building Collapse
Please Wait while comments are loading...