चीन ने कहा- अरुणाचल के शहरों के नाम बदलने का हमारे पास अधिकार

Subscribe to Oneindia Hindi

नई दिल्ली। चीन ने शुक्रवार को कहा कि अरुणाचर प्रदेश के शहरों के नामों को बदलना और प्रचारित करना उसका कानूनी हक है। हालांकि चीन ने यह नहीं बताया कि कौन से अंतरराष्ट्रीय कानून ने उसे अन्य देश के नाम बदलने का आदेश देता है।

एक प्रेस वार्ता के दौरान चीन विदेश मंत्रालय प्रवक्ता लू कांग ने कहा कि 'इन नामों को मानकीकृत करने और उन्हें प्रचारित करना हमारे वैध अधिकार के आधार पर एक वैध उपाय है।' लू ने जोर दिया कि भारत-चीन सीमा के पूर्वी भाग पर चीन की स्थिति स्पष्ट और सुसंगत है।

चीन ने कहा- अरुणाचल के शहरों के नाम बदलने का हमारे पास अधिकार

उन्होंने कहा कि 'प्रासंगिक नाम' का इस्तेमाल जातीय मोम्बा और तिब्बती चीनी द्वारा किया गया है जो कि अरुणाचल प्रदेश में पीढ़ियों तक रहे हैं।

ये है चीन का तर्क

गौरतलब है कि चीन का यह बयान चीन के विस्तारवादी व्यवहार के अनुरूप है। चीन अपने दावों के समर्थन के लिए खुद का इतिहास गढ़ कर तर्क देता रहा है। इससे पहले चीन ने दक्षिण चीन सागर में चट्टानों और द्वीपों के नाम दिए हैं।

वहां के नाम देने के संबंध में चीन ने दावा किया है कि वे अतीत से आए थे जब चीनी मछुआरों ने वहां जाकर वहां बस गए थे। इसने वियतनाम, फिलीपींस और इंडोनेशिया के द्वीपों पर किए गए दावों को चुनौती देने के लिए प्राचीन चीनी नक्शे और अभिलेख निकाला है।

इससे पहले अरुणाचल प्रदेश की छह जगहों का नाम बदलने के बाद चीन ने भारत पर फिर से हमला बोला है। चीन ने ऐलान किया है कि वह अरुणाचल के छह जगहों के नाम मानकीकृत कर रहा है। ये सभी वे जग‍हें हैं जिन पर चीन अपना हक जताता है।

भारत की ओर से शुक्रवार को चीन के नाम बदलने की प्रक्रिया को खारिज कर दिया है। भारत ने साफ कर दिया है कि अरुणाचल प्रदेश की हर इंच जमीन भारत की ही है।

ये भी पढ़ें:दलाई लामा के दौरा खत्‍म लेकिन अभी तक तक ठंडा नहीं हुआ है चीन का गुस्‍सा, फिर आई धमकी

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
China said lawful right to name towns in Arunachal pradesh
Please Wait while comments are loading...