तिब्बत में ब्रह्मपुत्र पर डैम बनाकर उसे भारत के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा चीन

Subscribe to Oneindia Hindi

नई दिल्ली। तिब्बत में यारलुंग जांग्बो यानि ब्रह्मपुत्र की एक सहायक नदी पर चीन बड़ा डैम बना रहा है। इस डैम को बनाने के लिए उसने नदी का पानी रोक दिया है। इससे पहले ब्रह्मपुत्र नदी पर हायड्रो पावर डैम को पिछले साल चीन ने चालू किया था।

तिब्बत में ब्रह्मपुत्र पर लगातार बन रहे डैम से भारत चिंतित है क्योंकि यह इलाका अरुणाचल और सिक्किम से सटा है। चीन के डैम से भारत को कई नुकसान हैं।

दक्षिण एशिया की राजनीति और भारत के साथ चल रहे सीमा विवाद में चीन अपने वर्चस्व के लिए इन डैम का इस्तेमाल भारत के खिलाफ कर सकता है।

Read Also:पाकिस्तान को क्यों पालता है चीन, एक और बड़ी वजह सामने आई

china dam

भारत के खिलाफ चीन का नया हथियार बना डैम

तिब्बत में ब्रह्मपुत्र और इसके सहायक नदी पर हायड्रो पावर डैम बनाकर चीन भविष्य में भारत के लिए बड़ा संकट खड़ा करने की तैयारी में है। भारत इससे चिंतित है। इस चिंता की वजहें हैं।

भारतीय रेलवे की नई सुविधा से बचेंगे रुपए और समय दोनों, जान लीजिए कैसे

वजह - 1 - पानी को लेकर भारत-चीन के बीच कोई समझौता नहीं

भारत और चीन के बीच ब्रह्मपुत्र नदी के पानी को लेकर कोई द्विक्षीय या बहुपक्षीय समझौता नहीं हुआ है जिसका फायदा उठाकर चीन अपने इलाके में इस नदी पर मनमाने तरीके से डैम बना रहा है और पानी ब्लॉक कर रहा है।

वजह - 2 - पानी ब्लॉक करने से भारत में संकट

ब्रह्मपुत्र नदी का उद्गम तिब्बत में है और यह उधर से बहकर भारत में आती है। डैम बनाने और पानी को रोकने से भारत में आने वाली नदी में पानी की मात्रा कम होगी।

वजह - 3- ब्रह्मपुत्र नदी की दिशा मोड़ने की तैयारी में चीन

चीन चुपके-चुपके ब्रह्मपुत्र नदी के पानी का रुख मोड़ने की तैयारी कर रहा है। इस बारे में वह सार्वजनिक तौर पर कुछ भी नहीं कहता क्योंकि ब्रह्मपुत्र के डायवर्सन से भारत और बांग्लादेश के मैदानी इलाकों में बाढ़ या पानी के अकाल की आशंका है।

वजह - 4 - भारत के खिलाफ डैम का इस्तेमाल

ब्रह्मपुत्र नदी पर चीन कई छोटे-बड़े डैम बना रहा है जिसका इस्तेमाल वह भारत के खिलाफ आगे भी हथियार के तौर पर कर सकता है जैसा कि उसने इस बार पानी रोककर किया। तिब्बत इलाके में चार डैम अभी बन रहे हैं और एक हायड्रो पावर डैम का उद्घाटन पिछले साल चीन कर चुका है।

वजह - 5 - अरुणाचल पर चीन का दावा

चीन का यह मानना है कि ब्रह्मपुत्र नदी पर डैम बनाने से अरुणाचल पर उसका दावा और मजबूत हो सकता है। भारत ने 2013 में डैम से होने वाले नुकसान के बारे में चीन से अपनी चिंता जताई थी।

डैम से हो चुका है भारत को नुकसान

2001 में तिब्बत में एक डैम के ढहने से अरुणाचल प्रदेश में सियांग नदी के किनारे बसे इलाकों में 26 लोगों की जान चली गई और लगभगग 140 करोड़ रुपए की संपत्ति को क्षति पहुंची।

पाकिस्तान का साथ देने के लिए चीन की नई चाल

30 सितंबर को चीनी न्यूज एजेंसी जिन्हुआ ने रिपोर्ट दी कि अब तक सबसे महंगे डैम को बनाने के लिए ब्रह्मपुत्र के सहायक नदी का पानी ब्लॉक कर दिया है। लगभग 5000 करोड़ रुपए से बन रहे इस डैम को 2019 तक बनाने का लक्ष्य लेकर चीन चल रहा है।

विदेशी मामलों के जानकार का कहना है कि ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी का पानी रोकने का यह फैसला चीन ने पाकिस्तान का साथ देने और भारत को चेतावनी देने के लिए लिया है।

फिलहाल पाकिस्तान और भारत के बीच भारी तनाव चल रहा है। बलूचिस्तान और पीओके में भारत के दखल और सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के खिलाफ उठाए गए कदम से चीन खफा है।

दक्षिण एशिया की राजनीति में भारत की ताकत के खिलाफ चीन और पाकिस्तान एक दूसरे से दोस्ती निभाते आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रह्मपु्त्र की सहायक नदी के पानी को रोकने का फैसला इसी दोस्ती को निभाने के लिए चीन ने लिया है।

Read Also:पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक के पांच सबूत, सेना के दावे पर मुहर

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Dam on Brahmputra river in Tibet is new tool of China to warn India. This dam will harm the national interest of India.
Please Wait while comments are loading...