40 मिनट तक धड़कन थी बंद, फिर हुआ ज़िंदा

Posted By: BBC Hindi
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40 मिनट तक धड़कन थी बंद, फिर हुआ ज़िंदा

किसी की दिल की धड़कने रुक जाएं तो उसे मृत घोषित कर दिया जाता है, लेकिन ज़रा ठहरिए और इस चमत्कार से भरी कहानी को जानिए.

उत्तर कैरोलीना में एक आदमी की दिल की धड़कने बंद हो गई. वह भी पूरे 40 मिनट तक. लेकिन आपात कर्मियों की मदद से उन्होंने मौत को मात दे दी.

36 साल के जॉन ओग्बर्न अपने घर में लैपटॉप पर काम कर रहे थे जब उन्हें दिल का दौरा पड़ा. कुछ ही देर में आपातकालीन सेवा 911 की मदद से दो अफसर उनके पास पहुंच गए.

पुलिस अफसरों ने लगभग 42 मिनट तक ओग्बर्न की धड़कने वापिस लाने की कोशिश की और आख़िरकार वो ऐसा करने में कामयाब हो गए.

चार्लोट-मेक्क्लेंबुर्ग में पुलिस अफसर लॉरेंस गुइलर और निकोलिना बेजिक ने इस चमत्कार को अंजाम दिया.

' मै पूरी तरह फिट हो गया हूं '

डॉक्टरों ने ओग्बर्न को कुछ हफ्तों के लिए अस्पताल में भर्ती किया है. उन्हें अगले 6 महीनों तक गाड़ी ना चलाने की सलाह दी गई है. ओग्बर्न का कहना है कि वे फिलहाल बिलकुल फिट महसूस कर रहे हैं.

ओग्बर्न ने बीबीसी को बताया कि 'मेरे अंदर इतनी ऊर्जा आज से पहले कभी नहीं थी, मै उन पुलिस अफसरों का जितना धन्यवाद करूं कम होगा.'

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हर्ट अटैक में सीपीआर बहुत जरूरी

अल्बामा स्कूल ऑफ मेडिसन यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. माइकल कर्ज़ बताते हैं कि दिल की धड़कनों के रुकने के साथ ही अगर उच्च स्तरीय कार्डियोपल्मोनरी रिसस्किनेशन (सीपीआर) शुरू नहीं किया जाता है तो जीवित बचने की संभावनाएं 10 प्रतिशत कम हो जाती हैं.

वो कहते हैं कि उत्तरी कैरोलीना का यह मामला सीपीआर की महत्ता को बताता है.

अमरीका में हर साल 3,50,000 से ज़्यादा लोगों को हार्ट अटैक पड़ता है जिसमें से 90 प्रतिशत लोगों की मृत्यु हो जाती है. इसका सबसे बड़ा कारण सही समय पर सीपीआर उपलब्ध नहीं होना ही है.

BBC Hindi
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English summary
Beats for 40 minutes off, Then happened to be alive.
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