ब्राजील की जेल में ड्रग गैंग्स के बीच हुई खूनी झड़प, करीब 60 कैदियों की मौत, कई फरार

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ब्रासिलिया। ब्राजील के अमेजन जंगल सिटी की एक जेल में कैदियों के दो गुटों में हुई खून झड़प में करीब 60 लोगों के मारे गए हैं। यह ब्राजील के इतिहास में हुई सबसे हिंसक घटनाओं में से एक है। अमेजन स्टेट के सुरक्षा प्रमुख सेर्जियो फॉन्टेस ने बताया कि मरने वाले कैदियों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि ड्रग गैंग्स के दो गुटों में हुई इस मारपीट में काफी ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें से कई की हालत बेहद गंभीर है। खूनी झड़प के दौरान कई कैदियों की हत्या करके उनकी क्षत-विक्षत लाश जेल की दीवार से बाहर फेंक दी गई।

ब्राजील: ड्रग गैंग्स के बीच जेल में हुई खूनी झड़प, 60 की मौत

दो कुख्यात ड्रग गैंग के बीच की तकरार

स्थानीय मीडिया के मुताबिक यह बवाल रविवार शाम शुरू हुआ था और सोमवार सुबह करीब 7 बजे इस पर काबू पाया गया। फॉन्टेस ने बताया कि फिलहाल जेल में कैदियों की गिनती जारी है कि कितने कैदी मारे गए हैं और कितने इस दौरान भाग निकले। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घटना की काफी निंदा हो रही है। ब्राजील की जेल व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, ब्राजील की जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी भरे हुए हैं और कई बार हिंसक घटनाएं भी हो चुकी हैं लेकिन जेल प्रशासन और वहां की सरकार इस पर कोई खास कदम नहीं उठा रही। जेल के अंदर हुई वारदात में साओ पाउलो के फस्ट कैपिटल कमांड (PCC) ड्रग गैंग के सदस्य शामिल हैं। यह ब्राजील का सबसे शक्तिशाली और कुख्यात गैंग माना जाता है। पीसीसी की झड़प मानौस के स्थानीय अपराधी गैंग नॉर्थ फैमिली के सदस्यों से हुई थी।

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पुलिस पर की फायरिंग, बना लिया बंधक

मानौस गैंग के लोगों ने रियो के रेड कामांड गैंग के कहने पर पीसीसी गैंग के कैदियों पर हमला किया था। रेड कमांड ब्राजील का दूसरा सबसे कुख्यात ड्रग गैंग है। सुरक्षा विशेषज्ञ बताते हैं कि पीसीसी और रेड कमांड के बीच वर्षों से दुश्मनी चल रही है और बीते साल भी जेल में बवाल हो चुका है। जेल के अंदर हुई ताजा हिंसा से दूसरी जेलों में भी संवेदनशील माहौल बन गया है। इस हिंसा में कैदियों ने पुलिस पर फायरिंग की और 12 सुरक्षाकर्मियों को बंधक बना लिया। हिंसा के दौरान एक गैंग ने दूसरी गैंग के 74 कैदियों को बंधक बना लिया और उनमें से कई की हत्या कर दी। उन्होंने कई कैदियों के सिर काट दिए तो कुछ को जिंदा जला दिया। कुछ कैदियों को बाद में छोड़ दिया गया। हाल की के सालों में ब्राजील की जेलों में बढ़ती भीड़ कई बार हिंसा का कारण बन चुकी है। साल 1992 में साओ पाउलो की एक जेल में हुई हिंसा में 111 कैदी मारे गए थे।

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English summary
At least 60 killed in Brazil prison riot between rival drug gangs .
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