रूस, चीन और लादेन के जिक्र वाली ओबामा की फेयरवेल स्‍पीच की 10 बातें

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शिकागो। अमेरिका में आठ साल से चला आ रहा एक अध्‍याय अब समाप्ति की ओर है। राष्‍ट्रपति बराक हुसैन ओबामा जिन्‍होंने 20 जनवरी 2009 को अमेरिका की सत्‍ता संभालकर एक इतिहास रच दिया था, उन्‍होंने 10 जनवरी 2017 को अपना विदाई भाषण दिया। राष्‍ट्रपति ओबामा का राष्‍ट्रपति पद पर आना कई मायनों में अहम था। वह पहले ऐसे अश्‍वेत नागरिक थे जो अमेरिका के राष्‍ट्रपति बने थे।

ओबामा के सामने थी चुनाौतियां

जिस समय ओबामा ने सत्‍ता संभाली थी, अमेरिका एक मुश्किल दौर से गुजर रहा था। घनघोर मंदी का शिकार अमेरिका, अफगानिस्‍तान और इराक में अपनी फौजों पर बिलियन डॉलर खर्च कर रहा। ऐसे में उनसे काफी उम्‍मीदें थीं। किसी भी अमेरिकी राष्‍ट्रपति की फेयरवेल स्‍पीच उसके लिए वह मौका होता है जब वह अपनी उपलब्धियों के बारे में देशवासियों को बताते हैं। राष्‍ट्रपति ओबामा ने भी वही किया लेकिन उन्‍होंने अपनी इस फेयरवेल स्‍पीच से दुनिया भर को इमोशनल भी कर डाला। राष्‍ट्रपति इसके बावजूद चीन और रूस को कड़ा संदेश देने से नहीं चूके। उन्‍होंने नए राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप का भी जिक्र किया तो लोगों को यह भी बताया कि कैसे उन्‍होंने मंदी के समय में राष्‍ट्रपति पद संभाला था। एक नजर डालिए राष्‍ट्रपति की फेयरवेल स्‍पीच में मौजूद ऐसी ही 10 खास बातों पर।

जब आठ वर्ष पहले संभाली सत्‍ता

जब आठ वर्ष पहले संभाली सत्‍ता

'मैं आपको यह बताऊं कि आठ वर्ष पहले जब मैंने सत्‍ता संभाली थी तो अमेरिका मंदी से जूझ रहा था। हमारी ऑटो इंडस्‍ट्री को रि-बूट किया गया और इतिहास में सबसे ज्‍यादा नौकरियां पैदा करने का सबसे बड़ा मौका आया।'

ओसामा बिन लादेन का खात्‍मा

ओसामा बिन लादेन का खात्‍मा

'क्‍यूबा के लोगों के साथ रिश्‍तों का नया अध्‍याय शुरू किया गया, ईरान के न्‍यूक्लियर प्रोग्राम को बंद किया गया और वह भी बिना एक गोली चलाए हुए और हमनें 9/11 के मास्‍टरमाइंड का खात्‍मा किया।'

 सेम सेक्‍स मैरिज का अधिकार

सेम सेक्‍स मैरिज का अधिकार

'हमने शादी में समानता का अधिकार जीता और अपने 20 मिलियन नागरिकों को स्‍वास्‍थ्‍य का अधिकार दिया। आप इतनी बातों के बाद भी शायद यह कहेंगे कि हमने देश के कुछ कम किया। लेकिन हमने यह सब किया। आपने किया और आप एक बदलाव लेकर आए।'

चीन और रूस कभी नहीं कर सकते बराबरी

चीन और रूस कभी नहीं कर सकते बराबरी

'रूस और चीन जैसे प्रतिद्वंदी कभी दुनिया में हमारे प्रभाव की बराबरी नहीं कर सकते हैं। ऐसा तब तक नहीं होगा जब तक हम उन सिद्धांतों को नहीं त्‍याग देते जिनके लिए हम जाने जाते हैं। ऐसा तब तक नहीं होगा जब तक हम खुद को सिर्फ एक ऐसे बड़े देश में नहीं बदल लेता जो सिर्फ अपने छोटे पड़ोसियों को परेशान करने और डराने में यकीन न करने लगे।

आईएसआईएस नहीं हरा सकता अमेरिका को

आईएसआईएस नहीं हरा सकता अमेरिका को

'आईएसआईएस कभी अमेरिका को तब नहीं हरा सकता है जब तक हम अपने संविधान के साथ धोखा नहीं करते और अपने सिद्धांतों के लिए लड़ाई नहीं करेंगे। हमें सतर्क रहना होगा, डरना नहीं होगा। '

सबसे सम्‍मानित देश

सबसे सम्‍मानित देश

'हमें सबसे अमीर, सबसे ताकतवर और धरती का सबसे सम्‍मानित देश बने रहना है और इसके लिए हमारे युवाओं और अपनी विविधता पर यकीन करना होगा। हमारी असीमित सीमाओं पर इस तरह से यकीन करना होगा कि भविष्‍य सिर्फ हमारा ही होना चाहिए।'

लोक‍तंत्र के लिए संघर्ष

लोक‍तंत्र के लिए संघर्ष

'लोकतंत्र को समानता की जरूरत नहीं है। हमारे पूर्वजों ने संघर्ष किया है, समझौता किया है और हमसे भी उम्‍मीद की है कि हम भी ऐसा ही करें। लेकिन वह जानते थे कि लोकतंत्र को एकजुटता के आधारभूत सिद्धांत की जरूरत होती है। हम इन सबमें एक साथ हैं और हम एक साथ उठते हैं और एक साथ ही गिरते हैं।'

कई चुनौतियां हैं

कई चुनौतियां हैं

'इतिहास में कई ऐसे पल आए हैं जब हमारी एकजुटता पर खतरा बना। इस सदी की शुरुआत उन पलों में से ही एक था। दुनिया सिमट रही थी, असामनता बढ़ रही थी, जनसंख्‍या में परिवर्तन हो रहा था और आतंकवाद का साया बढ़ रहा था। इन सभी ताकतों ने हमारी सुरक्षा और समृद्धता को परखा बल्कि हमारे लोकतंत्र की भी परीक्षा ली। हमने जिस तरह से इन चुनौतियों का सामना किया उसने हमारी क्षमताओं को साबित किया।'

10 दिन में बदलेगी सत्‍ता

10 दिन में बदलेगी सत्‍ता

'अगले 10 दिनों में दुनिया हमारे लोकतंत्र का एक नया चेहरा देखेगी। एक राष्‍ट्रपति दूसरे चुने हुए राष्‍ट्रपति को शांति के साथ सत्‍ता सौपेंगा। मैं निर्वाचित राष्‍ट्रपति ट्रंप से वादा करता हूं कि मेरा प्रशासन सुचारू तरीके से उन्‍हें सत्‍ता हस्‍तांतरण करेगा। यह बिल्‍कुल वैसा ही होगा जैसा राष्‍ट्रपति बुश ने मेरे लिए किया था। हमारी सरकार आज भी कई चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है।'

मैं आपके साथ हूं

मैं आपके साथ हूं

'मेरे अमेरिकी साथियों, आपकी सेवा करना मेरे लिए मेरी जिंदगी का एक सम्‍मानित मौका था। मैं आपकी सेवा करने से नहीं रूकूंगा, बल्कि अब मेरे जितने भी दिन बचे हैं मैं आपके साथ एक नागरिक के तौर पर रहूंगा। आप जवान हों या दिल से जवान हों अभी एक राष्‍ट्रपति के तौर पर मेरा आपसे एक आखिरी काम बचा है। मैं आपसे वही चीज मांगता हूं जो मैंने आठ वर्ष मांगी थी जब आपने मुझे एक मौका दिया था। मैं आपसे कहना चाहता हूं कि भरोसा करें, मुझ पर नहीं बल्कि आप पर कि आप एक बदलाव ला सकते हैं।'

 
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English summary
From Russia to China US President Barack Obama talked about everything in his farewell speech in Chicago.
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