अमेरिका से मिली होवित्जर तोपों का पोखरण में हुआ परीक्षण, चीनी सीमा पर होगी तैनात

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नई दिल्ली। भारत एवं अमेरिका ने बोफोर्स विवाद के साये से अलग जाते हुए पिछले साल 145 एम 777 तोपों के सौदे पर हस्ताक्षर किए थे। भारतीय आर्मी ने पोखरण में आज इन अल्ट्रा लाइट होवित्जर तोपों का परीक्षण किया है।

चीन की सीमा पर तैनात किया जाएगा

 इन तमाम तोपों को इनकी स्पीड, मारक क्षमता के आधार पर टेस्ट किया गया, माना जा रहा है कि इन तोपों को चीन की सीमा पर तैनात किया जाएगा।

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 होवित्जर तोपों का हुआ परीक्षण, चीनी सीमा पर होगी तैनात

इन तोपों का ट्रायल सितंबर माह तक जारी रहेगा। सेना के सूत्र की मानें तो इन तोपों को मौजूदा हालात को देखते हुए तैनात किया जाएगा और इनका ट्रायल किया जाएगा। 155 एमएम, 39 कैलिबर की यह तोपें भारतीय गोलों को दागने में काफी मददगार हैं। इसके अलावा तीन अन्य गन भी भारतीय सेना को सितंबर 2018 तक दी जाएगी। इसके बाद मार्च 2019 तक इस तरह के और उपकरणों को शामिल किया जाएगा, जिसमें हर माह पांच गन, 2012 तक सेना को मिलती रहेगी, ताकि उसका कंसाइनमेंट पूरा किया जा सके।

हथियारों की सप्लाई में कोई कमी नहीं रहे

सेना के अधिकारी ने बताया कि ट्रायल सुगमता से चल रहा है और तमाम आंकड़ों को इकट्ठा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य लक्ष्य यह है कि हथियारों की सप्लाई में कोई कमी नहीं रहे। मौजूदा स्थिति को देखते हुए भारतीय सेना को तोपों की सख्त जरूरत है। भारतीय सेना ने आखिरी बार 1980 में स्वीडेन से तोपों की खरीद की थी। इस डील के लिए गलत तरीके से भुगतान को लेकर काफी विवाद खड़ा हुआ था।

कुल कीमत 5000 करोड़ रुपए

भारतीय सेना ने इसी कड़ी में मई माह में 145 तोप को हासिल किया है। इन तोपों की डील अमेरिका के साथ हुई थी, जिसकी कुल कीमत 5000 करोड़ रुपए है।

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English summary
Exhaustive field trials are being carried out on two long-range ultra-light howitzers in Pokhran which the Indian Army received from the US after a gap of 30 years since the Bofors scandal broke out, an official said.
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