पीएम मोदी के लिए यूपी विधानसभा चुनाव 2017 जीतना क्‍यों हैं बहुत जरूरी, अलीगढ़ रैली में बताया था कारण

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi

नई दिल्‍ली। सिर्फ भाजपा के लिए ही नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए यूपी विधानसभा जीतना क्‍यों जरूरी है, इस बात को उन्‍होंने रव‍िवार को अलीगढ़ रैली के दौरान साफ तौर पर कह दिया। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जीतना इसलिए जरूरी है जिससे हमको राज्‍यसभा में भी बहुमत मिल सके।

पीएम मोदी ने मांगा बहुमत

पीएम मोदी ने मांगा बहुमत

पीएम मोदी ने कहा था कि भाजपा के विरोधी सिर्फ विधानसभा चुनावों के लिए एक साथ नहीं आए हैं। बल्कि राज्‍यसभा में भी भाजपा को बहुमत न मिले, इसलिए भी इकट्ठा हुए हैं। उन्‍होंने कहा था कि हमारे विरोधी डरे हुए हैं। वो जानते हैं कि अगर मोदी को राज्‍यसभा में बहुमत मिल गया तो वो ऐसा कानून लगा देगा जिससे भ्रष्‍टाचारियों के लिए बचने का कोई रास्‍ता नहीं बचेगा।

विपक्ष का राष्‍ट्रपति भाषण के खिलाफ प्रस्‍ताव

विपक्ष का राष्‍ट्रपति भाषण के खिलाफ प्रस्‍ताव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्‍यसभा में विपक्ष विमुद्रीकरण और राष्‍ट्रपति के भाषण के खिलाफ वोट करने की योजना बना रहा है। राष्‍ट्रपति के भाषण और विमुद्रीकरण को लेकर विपक्ष सरकार को बहुमत के जरिए शर्मिंदा करने की कोशिश कर रहा है। पर अभी भी राज्‍यसभा के अंदर विपक्ष की एकता को लेकर कुछ सवाल खड़े होते हुए दिखाई दे रहे हैं।

आपको बताते चले कि राष्‍ट्रपति के भाषण में विपक्ष वर्ष 2015 और वर्ष 2016 में इकट्ठा होकर वोटिंग के जरिए संशोधन करवा चुका है। लोकसभा में बहुमत में होने वाली एनडीए का राज्‍यसभा में बहुमत नहीं है। राज्‍यसभा में बहुमत न होने के चलते केंद्र सरकार को कई बिल वापस लेने पड़े या फिर मनी बिल के जरिए उन्‍हें लोकसभा में पेश किया गया।

टीएसमी ने पेश किया प्रस्‍ताव

टीएसमी ने पेश किया प्रस्‍ताव

आपको बताते चले कि तृणमूल कांग्रेस, बीजू जनता दल और एआईएडीएमके तीनों ही पार्टियों की राज्‍यसभा में अहम भूमिका है। अगर यह तीनों पार्टिंयां वोटिंग में भाग लेती हैं तो केंद्र सरकार को फिर से शर्मिंदगी का सामना करना पड़ सकता है। अगर यह सभी साथ नहीं भी आते हैं तब भी विपक्ष राज्‍यसभा में वोटिंग के जरिए केंद्र सरकार को हरा सकती हैं। तृणमूल कांग्रेस ने राष्‍ट्रपति के अभिभाषण में संशोधन का लेकर प्रस्‍ताव पेश किया है। पर सूत्रों का यह भी कहना है कि राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी के सम्‍मान में कई विपक्ष के राज्‍यसभा सांसद इस पर वोट नहीं करेंगे। तणमूल कांग्रेस के दो सांसद इस समय जेल में बंद हैं और सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं।

यूपी से मिल सकते हैं बीजेपी को 10 राज्‍यसभा सांसद

यूपी से मिल सकते हैं बीजेपी को 10 राज्‍यसभा सांसद

इस समय राज्‍यसभा में भाजपा के 56, कांग्रेस के 60 सांसद हैं। राज्‍यसभा में एनडीए के कुल सांसदों की संख्‍या 74 बैठती है। राज्‍यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के जरिए जीत हासिल कर भाजपा वर्ष 2018 तक राज्‍सभा में बहुमत में आना चाहती है। वर्ष 2018 में राज्‍यसभा से करीब 70 सांसद रिटायर होंगे। इस 70 सांसदों में 10 सांसद उत्‍तर प्रदेश से आएंगे, अगर भाजपा उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जीत लेती है, तो राज्‍यसभा में भाजपा को बहुमत में आने में आसानी होगी।

वर्ष 2017 में राज्‍यसभा से 10 सांसद रिटायर होंगे, इनमें 6 बंगाल से होंगे जिनमें सीताराम येचुरी और डेरेक ओ ब्रायन, तीन गुजरात से जिसमे स्‍मृति ईरानी और अहमद पटेल, गोवा से शांताराम नाईक रिटायर होंगे। वहीं वर्ष 2018 में 67 सांसद रिटायर होंगे जिनमे दस उत्‍तर प्रदेश, 6 बिहार, 5 बंगाल, 4 कनार्टक, 6 महाराष्‍ट्र, 3 आंध्र प्रदेश से होंगे।

वर्तमान में राज्‍यसभा में किस पार्टी के कितने सांसद

वर्तमान में राज्‍यसभा में किस पार्टी के कितने सांसद

भाजपा-56

कांग्रेस-60

बीजू जनता दल-8

तेलगु देशम पार्टी-6

समाजवादी पार्टी-19

एआईएडीएमके-13

शिवसेना-

जनता दल यूनाइटेड-10

आईएनएलडी-1

शिरोमणि अकाली दल-3

वाम दल-9

जनता दल सेकलुर-1

पीडीपी-2

बहुजन समाज पार्टी-6

एनसीपी-5

अन्‍य गठबंधन-4

तृणमूल कांग्रेस-11

तेलंगाना राष्‍ट्र समिति-3

डीएमके-4

वाईएसआर कांग्रेस-1

राष्‍ट्रीय जनता दल-3

नामित सदस्‍यो की संख्‍या-8

Read More EXCLUSIVE: यूपी विधानसभा चुनाव 2017में बीजेपी की 'खुफिया टीम' लड़ रही सोशल मीडिया का असली युद्ध

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
why UP numbers are so important at Rajya Sabha for Modi government
Please Wait while comments are loading...