ट्रंप का रीडआउट और पाकिस्‍तान, क्‍यों यकीन करना मुश्किल

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नई दिल्‍ली। पाकिस्‍तान की ओर से बुधवार को नए अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बीच हुई बातचीत का रीडआउट रिलीज कर दिया गया है। रीडआउट उन फोन कॉल्‍स का सारांश के तौर पर होता है जो वर्ल्‍ड लीडर्स के बीच होती हैं।

पढ़ें-ट्रंप ने पाक को बताया शानदार देश और लोगों को कहा शानदार?

इस रीडआउट को पढ़कर हैरानी होती है कि जो ट्रंप, पाकिस्‍तान को अपने चुनावी अभियान में कोस चुके हैं, वही ट्रंप अब पाकिस्‍तान को एक शानदार देश बता रहे हैं। कई बातें हैं जो पाक के इस रीडआउट पर सोचने पर मजबूर कर देती हैं।

पढ़ें-पाक पर ट्रंप का नया कमेंट, क्‍या वाकई भारत के लिए चिंता की बात ?

पाकिस्‍तान की ओर से पिछले दिनों रूस के सीपीईसी में आने की बातें भी कहीं गई थी। इसके बाद रूस के विदेश मंत्रालय ने आगे आकर इसका खंडन किया।एक नजर डालिए उन अहम बिंदुओं जिनसे कहीं न कहीं लगता है कि पाकिस्‍तान सिर्फ शेखी बघार रहा है।

भारत की तारीफ करते ट्रंप

भारत की तारीफ करते ट्रंप

जहां एक तरफ ट्रंप यह कह चुके हैं पाकिस्‍तान, अमेरिका का दोस्‍त नहीं है तो वहीं वह कई बार भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ कर चुके हैं। इतना ही नहीं नए राष्‍ट्रपति ट्रंप की कंपनी के कई प्रोजेक्‍ट्स भारत में चल रहे हैं। पाक के पूर्व राष्‍ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने प्रधानमंत्री नवाज को सलाह दी थी कि वह जल्‍द से जल्‍द नए राष्‍ट्रपति ट्रंप से संपर्क करें क्‍योंकि वह भारत के काफी मुरीद हैं। ट्रंप ने भारतीय त्‍योहार दिवाली को मनाया और हिंदुओं की तारीफ की। हो सकता है कि पाक, भारत को चिढ़ाने के मकसद से ऐसा कर रहा हो।

भारत पर दबाव बनाने की कोशिश

भारत पर दबाव बनाने की कोशिश

जब अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा ने वर्ष 2014 में भारत के गणतंत्र दिवस में बतौर मुख्‍य अतिथि शामिल होने की मंजूरी दी थी तो पाक को काफी परेशानी हो गई थी। पाक पीएम नवाज ने राष्‍ट्रपति ओबामा को फोन किया और पाकिस्‍तान आने का न्‍यौता दिया। लेकिन ओबामा ने कहा कि वह अगली बार पाकिस्‍तान जरूर आएंगे। राष्‍ट्रपति ओबामा अपने कार्यकाल में एक बार भी पाक नहीं गए थे। हो सकता है पाक रीडआउट के जरिए यह जताने की कोशिश करना चाहता हो कि नए अमेरिकी राष्‍ट्रपति के कार्यकाल में पाक और अमेरिका के रिश्‍ते बेहतर होने वाले हैं। वह भारत पर एक मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना चाहता है।

नगरोटा आतंकी हमले के बाद रीडआउट

नगरोटा आतंकी हमले के बाद रीडआउट

रीडआउट को रिलीज करने की टाइमिंग अपने आप में हैरान करने वाली है। जम्‍मू के नगरोट में हुए आतंकी हमले का 24 घंटे बीच चुके थे कि पाक रीडआउट को रिलीज कर देता है। निश्चित तौर पर वह कहीं न कहीं दुनिया का ध्‍यान बंटाने की कोशिशों में लगा हुआ है। ट्रंप पाकिस्‍तान में पल रहे आतंकवाद को लेकर कई बार पाक को फटकार लगा चुके हैं। नगरोटा आतंकी हमला पाक के लिए एक सिरदर्द साबित हो सकता है।

रूस पर बोला झूठा आया सामने

रूस पर बोला झूठा आया सामने

पिछले दिनों पाक मीडिया की ओर से खबर आई थी कि रूस चीन-पाकिस्‍तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) का हिस्‍सा बनना चाहता है। रूस के विदेश मंत्रालय की ओर से बयान जारी किया गया और कहा कि यह सारी बातें गलत हैं और रूस की कोई इच्‍छा नहीं है कि वह सीपीईसी का हिस्‍सा बने।

पीएम नवाज की इमेज सुधारने की कोशिश

पीएम नवाज की इमेज सुधारने की कोशिश

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अगर पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की तुलना करें तो दोनों के बीच कई अंतर नजर आएंगे। पाक की मीडिया कई बार पीएम नवाज को इस बार के लिए फटकार लगाई है कि वह पाक से जुड़े मुद्दे को उस तरह से दुनिया के सामने नहीं रख पाते हैं जिस तरह से भारत के पीएम रखते हैं। यह रीडआउट पाक पीएम नवाज शरीफ के लिए एक तरह का इमेज मेकओवर हो सकता है।

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English summary
Pakistan has released the readout of US elect President Donald Trump's call with Prime Minister Nawaz Shairf just 24 hours of Nagrota Terror attack.
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