रामनाथ कोविंद: जिन्हें 30 मई को राष्ट्रपति के बंगले में घुसने नहीं दिया

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नई दिल्ली। राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद ने इस बार बड़ी जीत दर्ज की है। एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को 66 फीसदी वोट मिले हैं, वहीं यूपीए की उम्मीदवार मीरा कुमार के पक्ष में 34 फीसदी वोट पड़े हैं। बता दें कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति निवास में रहेंगे। हालांकि उनके साथ एक वक्त ऐसा भी आया था जब उन्हें हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित भारत के राष्ट्रपति के आवास रिट्रीट में घुसने नहीं दिया गया था। सुरक्षाकर्मी ने उनसे कहा था कि उनके पास राष्ट्रपति के दफ्तर से अपेक्षित अनुमति नहीं है।

ये है पूरा मामला

ये है पूरा मामला

दरअसल, 30 मई को कोविंद को अपने परिवार के साथ रिट्रीट से वापस आना पड़ा था। यह घटना उनकी शादी की सालगिरह पर हुई। कोविंद 29 मई को शिमला पहुंचे और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के सरकारी आवास राजभवन में रुके। दोनों अच्छे दोस्त हैं और एक ही दिन राज्यपाल नियुक्त किए गए थे। 29 मई को देवव्रत की शादी की सालगिरह थी और कोविंद उनके लिए 6 बक्से भर कर आम ले गए थे।

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जब रिट्रीट के बारे में चला पता

जब रिट्रीट के बारे में चला पता

उसके ठीक अगले दिन 30 मई को कोविंद की शादी की सालगिरह थी। कोविंद को शिमला में घूमने वाली जगहों की जानकारी नहीं थी ऐसे में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल देवव्रत के सलाहकार प्रोफेसर शशिकांत शर्मा ने उन्हें रिजर्व फॉरेस्ट और रिट्रीट के बारे में बताया।

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लौटना पड़ा गेट से

लौटना पड़ा गेट से

शर्मा ने कहा कि मैंने उनसे सैग वन क्षेत्र में जाने के लिए कहा था। मुझे लगा कि उनके पास रिट्रीट की यात्रा करने का समय नहीं होगा, लेकिन बाद में जब वो वहां गए तो उन्हें रिट्रीट के गेट से ही लौटना पड़ा।

सुरक्षाकर्मियों को नहीं था पता

सुरक्षाकर्मियों को नहीं था पता

शर्मा ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों को यह नहीं पता था कि जिस व्यक्ति को प्रवेश करने से रोका गया था , उसके बतौर भारत के राष्ट्रपति के रूप में उसी रिट्रीट में लौटने की संभावना है।

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ये है रिट्रीट

ये है रिट्रीट

माशोब्रा में पहाड़ी स्थल पर स्थित रिट्रीट 1850 में बनाया गया था और 1895 में ब्रिटिश वायसराय ने कब्जा कर लिया था। राष्ट्रपति वर्ष में एक बार कम से कम एक बार रिट्रीट का दौरा करते हैं और इस दौरान पूरा कार्यालय यहां शिफ्ट होता है।

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English summary
When Ram Nath Kovind was turned back from President's Shimla home
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