जब संसद परिसर में अकेले पड़े बीजेपी के 'पितामह', इंतजार करते-करते थके तो मीडिया स्टैंड में जा बैठे

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नई दिल्ली। एक समय था जब लालकृष्ण आडवाणी भारतीय जनता पार्टी की धुरी थे। उनके आगे-पीछे बीजेपी नेताओं का जमावड़ा लगा रहता था। भारतीय जनता पार्टी को खड़ा करने में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। बावजूद इसके अब हालात बदल चुके हैं। बीजेपी का ये पितामह अब शायद बिल्कुल अकेला हो चुका है।

लालकृष्ण आडवाणी संसद में दिखे अकेले

ये हालात उस समय देखने को मिला जब लालकृष्ण आडवाणी बीजेपी की ओर से उपराष्ट्रपति उम्मीदवार वेंकैया नायडू नामांकन के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ ऐसा वाक्या हुआ जो चौंकाने वाला था।

18 जुलाई को सामने आया मामला

18 जुलाई को सामने आया मामला

ये पूरा मामला 18 जुलाई का है, जब बीजेपी के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार वेंकैया नायडू नामांकन के लिए संसद भवन पहुंचे थे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी समेत बीजेपी के दूसरे बड़े नेता और कैबिनेट मंत्री मौजूद थे।

गेट नंबर 4 पर खड़े थे लालकृष्ण आडवाणी

गेट नंबर 4 पर खड़े थे लालकृष्ण आडवाणी

नामांकन प्रक्रिया संपन्न होने के बाद लालकृष्ण आडवाणी संसद भवन के गेट नंबर 4 पर अकेले खड़े नजर आए। गेट नंबर 4 वो गेट है जहां पर नेता और सांसद अपनी गाड़ी का इंतजार करते हैं। आडवाणी भी अपनी गाड़ी का इंतजार कर रह थे, इस दौरान धूप बहुत तेज थी काफी देर हो गई और उनकी गाड़ी नहीं आई। इस गेट के पास ही मीडियाकर्मियों के रुकने के लिए स्थान बना हुआ है। वहां मौजूद पत्रकारों ने देखा कि आडवाणी अकेले ही खड़े हैं न तो कोई नेता है और न ही सुरक्षाकर्मी तो उन्होंने तुरंत ही बीजेपी के दिग्गज नेता को अपने साथ मीडियाकर्मियों के लिए बनी जगह पर लेकर गए।

पत्रकारों के लिए बनी जगह पर कुछ देर रुके आडवाणी

पत्रकारों के लिए बनी जगह पर कुछ देर रुके आडवाणी

लालकृष्ण आडवाणी वहां कुछ देर रुके, लेकिन जब उनके वहां पहुंचने की जानकारी दूसरे पत्रकारों को हुई तो धीरे-धीरे कई पत्रकार वहां जुटने लगे। कुछ देर बाद लालकृष्ण आडवाणी वहां से उठे और पैदल ही गेट नंबर एक की ओर से चल दिए। गेट नंबर 4 से गेट नंबर एक पर करीब 100 से 150 मीटर आडवाणी अकेले ही गए। जहां कुछ देर में उनका काफिला पहुंचा और फिर वहां से बीजेपी का ये दिग्गज रवाना हो गया।

पत्रकारों ने पूरे वाक्ये का सोशल मीडिया पर किया जिक्र

पत्रकारों ने पूरे वाक्ये का सोशल मीडिया पर किया जिक्र

इस पूरे वाक्ये का जिक्र उन पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर किया जो इसके गवाह बने। पत्रकार मनीष झा ने पूरी घटना का जिक्र अपनी फेसबुक वॉल पर किया है। उन्होंने बताया कि कैसे आमतौर पर आडवाणी गेट नंबर 6 से पूरे सुरक्षा तामझाम से आते-जाते हैं, लेकिन आज पता नहीं क्या और कैसे हुआ? जब उन्हें अपनी गाड़ी का इंतजार करना पड़ा, वो भी अकेले। पढ़िए पत्रकार मनीष झा की पोस्ट...

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English summary
when lalkrishna advani was alone in parliament waiting his car.
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