लालबत्ती पर पाबंदी से पहले जानिए किसे थी इसे लगाने की इजाजत

सरकारी और मंत्रियों की गाड़ी पर लाल बत्ती की पाबंदी से पहले जानिए किसे थी इन्हें इस्तेमाल करने की इजाजत।

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नई दिल्ली। देश में वीआईपी कल्चर को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा फैसला लेते हुए अब लाल बत्ती के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने का फैसला लिया है। सरकार ने 1 मई के बाद कारों पर लाल बत्ती के इस्तेमाल पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने का फैसला लिया है। जिसके बाद कोई भी अधिकारी या मंत्री अपनी कार पर लाल बत्ती का इस्तेमाल नहीं कर सकता है।

किसी को भी नहीं दी गई है छूट

सरकार ने सभी लाल, अंबर, नीली, पीली बत्तियों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है, जिसे सरकारी अधिकारी अपनी गाड़ी पर लगाते थे, इसमें प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक शामिल हैं, अब इन्हें भी लाल बत्ती लगाने की इजाजत नहीं होगी। यह पाबंदी यहीं तक सीमित नहीं है इसके दायरे में उपराष्ट्रपति, मुख्य न्यायाधीश, कैबिनेट मंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यों के मंत्री, जज, हाई कोर्ट के जज तक शामिल हैं।

पहले भी कर चुके हैं लोग पहल

गौरतलब है कि सबसे पहले आम आदमी पार्टी ने लाल बत्ती के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई थी, जिसके बाद पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी इस प्रथा को खत्म किया था। हालांकि योगी आदित्यनाथ ने सायरन के इस्तेमाल पर रोक लगाई थी और मंत्रियों को सिर्फ सरकारी गाड़ी में ही लाल बत्ती का इस्तेमाल करने को कहा था लेकिन हमें यहां यह देखना होगा कि क्या लाल बत्ती के जाने से देश में से वीआईपी कल्चर जाएगा। आईए डालते हैं पूर्व में लाल और अन्य बत्तियों के नियम पर

फ्लैशर के साथ लाल बत्ती की किसे थी इजाजत

राष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति
प्रधानमंत्री
पूर्व राष्ट्रपति
उप प्रधानमंत्री
मुख्य न्यायाधीश
लोकसभा अध्यक्ष
कैबिनेट मंत्री
प्लानिंग कमीशन के डिप्टी चेयरमैन
पूर्व प्रधानमंत्री
राज्यसभा और लोकसभा में एलओपी
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश

 

 

बिना फ्लैशर के लाल बत्ती की इजाजत

मुख्य चुनाव आयुक्त
सीएजी
राज्यसभा के डेप्युटी चेयरमैन
लोकसभा के उपसभापति
प्लानिंग कमीशन के सदस्य
एटॉर्नी जनरल
कैबिनेट सेक्रेटरी
तीनों ही सेना के प्रमुख और इनके समकक्ष
कैबिनेट सचिव
केंद्रीय उप मंत्री
राज्यों के एलजी और इनके समकक्ष
केंद्रीय एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिबुनल के चेयरमैन
अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन
एसएसी, एसटी आयोग के चेयरमैन, यूपीएससी के चेयरमैन
सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया

फ्लैशर के साथ लाल बत्ती का इस्तेमाल एनसीटी दिल्ली में
एलजी, मुख्यमंत्री, हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
हाई कोर्ट के जज
विधानसभा के स्पीकर
कैबिनेट मंत्री
एलओपी

बिना फ्लैशर के लाल बत्ती का इस्तेमाल एनसीटी दिल्ली में
राज्य चुनाव आय़ुक्त
विधानसभा के उपसभापति
मुख्य सचिव
जनरल ऑफिसर कमांडिंग, दिल्ली क्षेत्र

नीली और अंबर लाइट फ्लैशर के साथ
जिला जज
पुलिस कमिश्नर
आईटी कमिश्नर, आईपीएस अधिकारी
नीली, सफेद या कई रंगों की लाइटें
डिविजनल कमिश्नर
डीएम
एडीएम
सब डिविजनल अधिकारी

बिना फ्लैशर के नीली बत्ती का इस्तेमाल
पुलिस की गाड़ियां, एंबुलेंस, वीवीआईपी स्कॉर्ट में वाहन
पीली बत्ती का इस्तेमाल
सेसन जज
एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज
आयकर विभाग के एडिशनल जज
राज्य के पुलिस कमिश्नर या डीजीपी

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English summary
What were the norms before the ban on beckons on the cars. Central government has banned all the beackons for the vvip's,
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