#Uri Terror Attack: 4 आतंकी, 12 मिनट और 18 शहीद

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उरी। रविवार को उरी में हुआ आतंकी हमला पूरी तौर पर सुरक्षा व्‍यवस्‍था की कलई खोलने वाला हमला साबित हुआ है। आतंकी इंडियन आर्मी के एक अहम बेस में जैश-ए-मोहम्‍मद के चार आतंकी दाखिल होते हैं। देखते ही देखते वहां गोलियों की आवाज गूंजने लगी। आपको जानकर हैरानी होगी कि सिर्फ 12 मिनट के अंदर जैश के आतंकियों ने हमारे 18 बहादुर की जान ले ली थी।

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तीन स्‍तर वाली सुरक्षा और इतना बड़ा हमला

उरी आर्मी बेस पर हुआ आतंकी हमले को पिछले कुछ वर्षों में सबसे बड़े आतंकी हमले के तौर पर करार दिया जा रहा है।इस हमले की जांच शुरू हो गई है और जांच में यह बात सामने आ रही है कि आतंकियों को कैंप के बारे में सारी जानकारियां थीं।

इस बात की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है कि कैंप में ही मौजूद किसी जासूस ने उनकी मदद की हो। एनआईए की टीम जांच में लगी है कि कैसे आतंकी तीन स्‍तर वाली सुरक्षा पाए इस कैंप में दाखिल होने में सफल हो गए।

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आर्मी की यूनिफॉर्म में थे आतंकी

जो चार आतंकी रविवार को आर्मी बेस में दाखिल हुए उन सभी ने अपने बाल छोटे-छोटे कटवाए थे बिल्‍कुल उसी तरह से जैसे सेना के जवानों के होते हैं। इसके अलावा उन सभी ने आर्मी की यूनिफॉर्म पहनी हुई थी।

आतंकी सबसे पहले कुक हाउस की ओर बढ़े। यहां से उन्‍होंने ग्रेनेड फेंके और फायरिंग की। फायरिंग की वजह से वहां पर रखे डीजल के पीपों में आग लग गई। यह आग जवानों के टेंट तक पहुंच गई और देखते ही देखते 14 जवान जिंदा जल गए।

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12 मिनट में हुआ पूरा खेल

चारों आतंकियों ने फायरिंग जारी रखी और आर्मी की ओर से भी फायरिंग शुरू हुई। सिर्फ 12 मिनट के अंदर तीन आतंकी भी सेना ने मार गिराए।

अगले कुछ मिनटों के अंदर चौथा आतंकी भी सेना ने मार गिराया। अधिकारियों की मानें तो आतंकी सेना के जवानों की ही तरह नजर आ रहे थे। उन्‍हें देखकर कोई भी अंदाजा नहीं लगा सकता था कि वे किसी आत्‍मघाती दस्‍ते के सदस्‍य हैं।

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मौत के बाद पता लगा फिदायीन थे

एनकाउंटर के बाद जब उनके शरीर की जांच की गई तो पता लगा कि उन्‍होंने अपनी चेस्‍ट शेव करा रखी थी जो कि हर फिदायीन हमले से पहले परंपरा के तौर पर कराता है।

सभी आतंकियों की उम्र 20 वर्ष के आसपास थी और यह बात उनकी ऑटोप्‍सी रिपोर्ट और उनकी हड्डियों की जांच से साबित हुई है।

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आतंकियों को लगींं 169 गोलियां

श्रीनगर स्थित आर्मी के 92 बेस हॉस्पिटल में इनकी जांच की गई है। आतंकियों को हमले वाली जगह से 50 किमी दूर दफनाया गया है। इनके शरीर पर करीब 169 गोलियां लगी हैं और आंत, छाती और आतंकियों की बांह पर गोलियों के निशान हैं।

आतंकियों के पास से हाई प्रोटीन चॉकलेट्स के 26 रैपर्स, रेड बुल एनर्जी ड्रिंक की छह कैन्‍स और ओआरएस के तीन खाली पैकेट और दूसरी दवाईंया मिली हैं जिन पर मेड इन पाकिस्‍तान लिखा है।

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तीन चरवाहों पर शक

श्रीनगर में जारी जांच तीन चरवाहों पर शक है जिन्‍होंने हमले से पहले आतंकियों की मदद की। एजेंसियों को जीपीएस सेट भी मिली है जिसमें गलवामा और राफियाबाद की लोकेशन फीड है।

ये दोनों ही जगह एलओसी से करीब छह किमी की दूरी पर हैं। इंटेलीजेंस ब्‍यूरों के एक अधिकारी के मुताबिक आतंकियों को मालूम था कि झेलम का स्‍तर कैसा और उन्‍हें ट्रूप्‍स के मूवमेंट की भी जानकारी दी गई थी।

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English summary
It was all over in a matter of 12 minutes. Three terrorists were killed and 18 Jawans were martyred in a matter of 12 minutes in Uri on Sunday.
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