लखनऊ जंक्शन : 'फिर से CM बन जाएं अखिलेश, कम से कम FAIL तो न हों हम'

Written by: हिमांशु तिवारी आत्मीय
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लखनऊ। वन इंडिया एक्सप्रेस फिलहाल लखनऊ जंक्शन पहुंच चुकी है। जहां सवाल सियासत के मद्देनजर किया जा रहा है। दरअसल इसकी वजह है आगामी 2017 में उत्तर प्रदेश में होने वाला विधानसभा सभा चुनाव।

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हमने जब युवाओं से यूपी में सीएम चेहरे, जिसे कि वे पसंद करते हैं..सवाल को पूछा तो उन्होंने जवाब क्या दिया आईये जानते हैं

सीएम अखिलेश की सरकार में युवाओं को PASS होने की उम्मीद !

नाम न लिखने की शर्त पर इंटरमीडिएट में पढ़ने वाले एक युवा ने बताया कि वह यूपी बोर्ड का स्टूडेंट है, घर की आर्थिक स्थिति सही न होने की वजह से वह एक किराने की दुकान में काम करता है, साथ ही पढ़ाई भी। 2015 में हाईस्कूल की परीक्षा सेकेंड डिवीजन के साथ उत्तीर्ण की।

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लेकिन कई बार दुकान में काम ज्यादा होने की वजह से घर परीक्षा के दौरान देर से लौटा। परिणामस्वरूप पढ़ाई भी अच्छे ढंग से नहीं कर सका। पर, किसी तरह से पास हो गया। मैं चाहता हूं कि एकबार फिर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश बन जाएं ताकि कम से कम हम फेल तो न हों।

दूसरी सरकार में तो पास होने के लिए लाले पड़ जाते हैं

दरअसल ग्यारहवीं के छात्र ने जिन पुलिंदों को सूबे के मौजूदा मुखिया की तारीफ में बांधा, वह शिक्षा व्यवस्था पर जोरदार प्रहार कर गया। लेकिन उत्तर प्रदेश का एक बड़ा युवा वर्ग यही सोच रखता है कि कम से कम समाजवादी पार्टी के सरकार में आ जाने पर पास तो हो जाते हैं जबकि बहुजन समाज पार्टी और भाजपा में शिक्षा की गुणवत्ता से कोई भी समझौता नहीं किया जाता।

लैैपटॉप नहीं अब और हाईटेक होना चाहता है युवा

जी हां, हमारा अगला सवाल उन युवाओं से था जिन्हें सपा सरकार की लैपटॉप वितरण योजना का फायदा मिला। युवाओं को इस बार फिर से समाजवादी पार्टी के द्वारा की जाने वाली लंबी-चौड़ी घोषणाओं का इंतजार है। हां इतना जरूर कहा जा सकता है कि अखिलेश यादव की लैपटॉप वितरण योजना से एक बड़ा वर्ग सीधे सीधे तकनीकि से मुखातिब हो पाया।

अब युवा रोजगार के बेहतरीन अवसर चाहता है

जो कि शायद मुमकिन होना संभव न था। कल तक डेस्कटॉप को ख्वाब समझने वाला युवा सपा सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए लैपटॉप पर नए विकल्पों को खोज रहा है, समझने की कोशिश कर रहा है। लेकिन 2017 में विधानसभा चुनावों के लिहाज से अब युवा रोजगार के बेहतरीन अवसर चाहता है। युवाओं ने वन इंडिया से बातचीत के दौरान क्या कहा आईये जानते हैं-

JOBS के मामले में पीछे है यूपी

लखनऊ के स्थानीय निवासी शिवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में युवा सीएम अखिलेश यादव की 2012 में सरकार बनने के बाद कई बड़े बदलाव आए। मैं आपको बता दूं कि गांव-गांव में जिन लोगों को लैपटॉप मिला वे उसका कई तरीकों से इस्तेमाल करने लगे।

कंप्यूटर सीखने में पैसे खर्च करते थे

जिनके घरों में टीवी नहीं था वे टीवी के रूप में, जो गांव के पास कंप्यूटर सीखने में पैसे खर्च करते थे लेकिन खुद के पास कंप्यूटर न होने की वजह से पढ़ाई गई चीजों को भूल जाते थे उन्होंने उसकी प्रैक्टिस से सीखा, समझा। कई लोगों ने तीन-चार घंटे के लिए किराए पर अपना लैपटॉप दे दिया।

जरूरत पहले भी थी और अब भी है

जिससे उन्होंने महीने में 1000 रूपये तक कमाएं। हां कई लोगों ने पांच से छह हजार रूपयों में उसे बेच भी दिया। जरूरत पहले भी थी और अब भी है क्योंकि एक बड़ा वर्ग नौकरी की तलाश में दिल्ली,नॉएडा, गुजरात की ओर पलायन कर रहा है। आवश्यकता है कि उत्तर प्रदेश में नौकरी के अवसर उत्पन्न किये जाएं। जिससे असल मायने में यूपी का विकास हो सके।

लैपटॉप पर सपा ने कितना किया खर्च ?

लैपटॉप खरीदने और बांटने की जिम्मेदारी उठा रहे इलेक्ट्रॉनिक्स कार्पोरेशन के विश्व के सबसे बड़े टेंडर में एचसीएल, लेनेवो और एसर को पीछे करते हुए एचपी ने लैपटॉप की कीमत 19 हजार 58 रुपए रखी। जबकि बाजार में लैपटॉप के दाम 25 से 30 हजार तक हैं। जानकारी के मुताबिक सरकार प्रतिवर्ष 15 लाख लैपटॉप के वितरण की योजना बनाकर चल रही थी। यानि की पांच वर्ष में 75 लाख लैपटॉप का वितरण।

एक खरब, 42 अरब 50 करोड़ रुपए

अब अगर इनके कुल खर्च पर गौर किया जाए तो वो करीबन एक खरब, 42 अरब 50 करोड़ रुपए है। जो कि शायद रोजगार के अवसर तैयार करने के लिए भी प्रयोग में लाई जा सकती थी। हालांकि लैपटॉप के वितरण की योजना भी बीच में बंद कर दी गई। जिसके बाद कुल कितना खर्च हुआ, कुल कितने लैपटॉप का वितरण हुआ इस बात के पुष्ट आंकड़े नहीं हैं।

नए मतदाताओं की सूची में ज्यादा से ज्यादा 18-19 वर्ष के युवा

पिछले वर्ष निर्वाचन आयोग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक नए मतदाताओं की सूची में ज्यादा से ज्यादा 18-19 वर्ष के युवा हैं। राज्य में 17 लाख से अधिक नए मतदाता शामिल हुए हैं। जिसमें से 11.84 लाख अट्ठारह से उन्नीस वर्षीय मतदाता है। इनमें से बड़ा वर्ग सीए अखिलेश से शिक्षा, योजना को लेकर प्रभावित दिखता है। साथ ही युवा होने के कारण उनसे जुड़ा भी हुआ है। आंकड़ें ढ़ेर सारे हैं, कयासें भी। लेकिन परिणाम क्या होंगे ये आने वाला वक्त ही बताएगा।

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English summary
Youth brigade wants Akhilesh Yadav as CM. They are happy with Akhilesh Yadav's Work. here are full story, please have a look.
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