बेटे के इंतजार में बैठी एक मां, आंखें टीवी से हटती ही नहीं

हरभजन कौर के बेटे हरसिमरत सिंह को जून 2014 में आईएसआईएस के आतंकियों ने अन्‍य 38 भारतीयों के संग अपहरण कर लिया था।

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बावोवल। दिन जाता है फिर रात आती है, रात जाती है तो फिर दिन आता है और इसी इंतजार में की एक सुबह ऐसी भी आएगी कि मां का बेटा उनकी आंखों के सामने होगा। उस मां की जिंदगी यूं ही बीती जा रही है।

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38 भारतीयों का हुआ था अपहरण

49 वर्षीय हरभजन कौर अपनी जिंदगी को भी कुछ यू हीं बयां कर रही हैं। हरभजन कौर के बेटे हरसिमरत सिंह को जून 2014 में आईएसआईएस के आतंकियों ने अन्‍य 38 भारतीयों के संग अपहरण कर लिया था। पर उसके बाद से अभी तक उनके बेटे की कोई खबर नहीं आई है।

इंडियन एक्‍सप्रेस की खबर के मुताबिक पर पिछले कुछ दिनों से पंजाब के बावोवल में रहने वाले हरभजन कौर और उनके पति तरसेम सिंह की कुछ उम्‍मीदें फिर से जिंदा हुई हैं। ऐसा इसलिए हुआ है क्‍योंकि आईएसआईएस के खिलाफ इराकी सेना ने फिर से जंग शुरू कर दी है। इराकी सेना ने मोसुल शहर को आईएसआईएस के कब्‍जे से छुड़ाने के लिए यह लड़ाई शुरू की है। इसी शहर में हरसिमरत सिंह का अपहरण किया गया था।

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6 अक्‍टूबर को सुषमा स्‍वराज से मुलाकात की

परिवार वालों को विश्‍वास है कि अगर इराकी सेना मोसुल शहर को आईएसआईएस के कब्‍जे से छुड़ा लेती है तो शायद उनको अपने परिवार के अपहण किए गए लोगों का पता चल सके।

इराक में अपहरण किए गए लोगों के परिजनों ने 6 अक्‍टूबर को सुषमा स्‍वराज से मुलाकात की थी। विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने इस बात का भरोसा दिलाया है कि मोसुल के आजाद होने के बाद वो पता लगाने की कोशिश करेंगी कि अपहरण किए गए भारतीया लोगों के साथ क्‍या हुआ।

इराकी सेना के हमले के बाद बने बंधी उम्‍मीद

हरभजन कौर की बुधवार को एक बार फिर से चिंता उस समय बढ़ गई जब किसी ने उन्‍हें बताया कि इराकी की सेना ने मोसुल शहर में हवाई हमले किए हैं। पर इसमें वहां के रहने वाले लोगों को निशाना नहीं बनाया गया है। हरभजन कौर की चिंता है कि सीरिया के अलेप्‍पो में भी आईएसआईएस के आतंकियों को खत्‍म करने के लिए बमबारी की गई थी जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान भी चली गई थी।

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सुषमा स्‍वराज ने दिलाया भरोसा

हरसिमरत की मां हरभजन कौर और पिता तरसेम सिंह एक घर में बनी एक छोटी दुकान के जरिए अपना काम चला रहे हैं। उनके पास दो एकड़ जमीन है। अन्‍य गायब हुए भारतीयों के परिजन हरभजन कौर के संपर्क में रहते हैं और उनसे पूछते रहते हैं कि क्‍या हमारे बच्‍चों के बारे में कोई जानकारी मिली। जब से इराकी सेना मोसुल शहर में घुसी हैं जब से लोगों की बैचेनी और ज्‍यादा बढ़ गई है। हरभजन कौर दिन भर टीवी पर समाचार देखती हैं और सभी को बताती भी है। उन्‍हें उम्‍मीद है कि एक दिन वो अपने बच्‍चे का समाचार भी टीवी पर पा जाएंगी। सुषमा स्‍वराज ने उनसे अलग से बातचीत की है और उन्‍हें भरोसा दिलाया है।

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English summary
untold story of a mother whose son abducted by isis along with other 39 indians
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